Indian Railway Update: एक्स्ट्रा लगेज जेब पर भारी: हवाई जहाज की तर्ज पर ट्रेन में भी लगेगा ज्यादा सामान पर भाड़ा, जानें कितने वजन की होगी इजाजत

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Indian Railway Update अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और ज्यादा सामान ले जा रहे हैं, तो अब आपको इसके लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। दरअसल, अब रेलवे ज्यादा सामान ले जाने के नियम को सख्ती से लागू करने जा रहा है। इसकी जानकारी रेल मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके दी। इसमें लोगों को सफर के दौरान ज्यादा सामान न लेकर चलने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा, “रेल यात्रा के दौरान अधिक सामान लेकर न जाएं। अगर ऐसा हो तो उसे लगेज वैन में जरूर बुक कराएं। सामान ज्यादा होगा तो यात्रा का मजा आधा हो जाएगा!”

Indian Railway Update हर कोच के हिसाब से लिमिट तय

भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक अलग-अलग श्रेणियों में रेल यात्री 40 किलो से लेकर 70 किलो तक का भारी सामान अपने साथ ट्रेन के डिब्बे में रख सकते हैं। इससे अधिक सामान होने पर यात्री को अलग से किराया देना पड़ सकता है। रेलवे ने हर कोच के हिसाब से वजन निर्धारित कर रखा है। यात्री स्लीपर क्लास में 40 किलोग्राम तक वजन अपने साथ ले जा सकते हैं। एसी टू टीयर में 50 किलो तक के वजन का सामान ले जाने की छूट है। जबकि फर्स्ट क्लास एसी में सबसे ज्यादा 70 किलो तक के वजन का सामान यात्री अपने साथ कोच में ले जा सकते हैं। निश्चित सीमा से अधिक वजन होने पर यात्रियों से रेलवे अतिरिक्त शुल्क वसूल सकता है।

 

लगेगा भारी-भरकम जुर्माना

जानकारी के अनुसार, अगर कोई यात्री ज्यादा सामान के साथ यात्रा करते पाया गया जाता है, तो उसे अलग से बैगेज रेट का छह गुना भुगतान करना होगा। यानी अगर कोई 40 किलो से ज्यादा के वजन का सामान के साथ 500 किमी की यात्रा कर रहा है, तो यात्री केवल 109 रुपये का भुगतान करके इसे लगेज वैन में बुक कर सकता है। वहीं अगर यात्री सफर के बीच में ज्यादा सामान के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे 654 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर कार्रवाई

रेल यात्रा के दौरान प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाना अपराध है। यात्री गैस सिलेंडर, किसी तरह का ज्वलनशील केमिकल, पटाखे, तेजाब, बदबूदार वस्तुएं, चमड़ा या गीली खाल, पैकेजों में लाए जाने तेल, ग्रीस, घी, ऐसी वस्तुएं जिनके टूटने या टपकने से वस्तुओं से यात्रियों को क्षति पहुंच सकती है। यात्री फिर भी इन प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर यात्रा करते हैं, तो यात्रियों पर रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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