New Aadarsh Gram Yojna: नई आदर्श ग्राम योजना से सात हजार गांवों में होंगे विकास कार्य

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New Aadarsh Gram Yojna भोपाल। मध्य प्रदेश के जनजातीय बहुल ग्रामों के एकीकृत विकास के लिएNew Aadarsh Gram Yojna  नई आदर्श ग्राम योजना लागू की जाएगी। केंद्र सरकार की इस योजना को प्रदेश के सात हजार 307 गांवों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में एक हजार 204 गांव शामिल किए गए हैं। इसमें अधोसंरचना विकास के साथ जनप्रतिनिधियों के क्षमता विकास के कार्य होंगे। जो ग्राम इसमें बेहतर काम करेंगे, उनका चयन करके प्रदेश स्तर पर तीन ग्रामों को पांच-पांच लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण के काम अभियान के रूप में किए जा रहे हैं।

आदर्श ग्राम योजना में बेहतर काम करने वाले तीन ग्रामों को पांच-पांच लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। आकांक्षा योजना में जेईईई, नीट और क्लैट के साथ एनडीए की परीक्षा की तैयारी की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है। जनजातीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिवर्ष राजा संग्राम शाह पुरस्कार भी घोषित किया गया है। सभी पात्र व्यक्तियों को वन भूमि के अधिकार पत्र दिए जाएंगे। वनाधिकार के जो आवेदन निरस्त हुए हैं, उनका परीक्षण भी करवाया जा रहा है। पेसा अधिनियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

परिषद के सदस्य डा. रूपनारायण मांडवे ने जनजातीय समाज की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार के कदमों से जनजातीय वर्ग को नई ऊर्जा मिली है। इस दौरान जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह मांडवे, वन मंत्री विजय शाह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित परिषद के सदस्य उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने बढ़ाया जनजातीय गौरव: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय गौरव को बढ़ाया है। बिरसा मुंडा की जन्मतिथि 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

जननायक टंट्या भील (मामा) के बलिदान दिवस पर चार दिसंबर को इंदौर के पातालपानी में विशेष कार्यक्रम किया जा रहा है। इंदौर के भंवरकुंआ चौराहा और इंटर स्टेट बस टर्मिनस (आइएसबीटी) का नामकरण टंट्या भील के नाम पर किया जाएगा। बैकलाग के पदों पर सीधी भर्ती: मुख्यमंत्री ने बताया कि बैकलाग पदों पर सीधी भर्ती में सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति के लिए विशेष प्रविधान किए गए हैं। यह सुविधा सीधी, सिंगरौली सहित अन्य जिलों में लागू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

झाबुआ और आलीराजपुर में चलेगा सिकल सेल मिशन

जनजातीय वर्ग में सिकल सेल एनीमिया रोग को नियंत्रित करने के लिए मिशन पायलट आधार पर झाबुआ और आलीराजपुर में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन में ट्राइबल सेल के गठन, आदिम जाति अनुसंधान और विकास संस्थान और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति, आजीविका से जुड़े नए कार्यक्रमों का संचालन, जनजातीय वर्ग के कलाकारों द्वारा निर्मित कलाकृतियों और चित्रों के विक्रय की व्यवस्था के जो सुझाव दिए हैं, उन पर विभाग कार्रवाई कर रहे हैं।

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