का बड़ा ऐलान, अब नौकरी बदलने पर PF खाता नहीं कराना होगा ट्रांसफर, खत्म होगा पुराना नियम

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Epfo ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। न्यूनतम पेंशन की राशि और पीएफ की ब्याज दर बढ़ाने को लेकर यह मीटिंग रखी गई । बैठक में यह  फैसला हुआ कि ईपीएफओ के सालाना जमा का 5 फीसदी हिस्सा अल्टरनेटिव फंड में निवेश किया जाएगा।

सेंट्रलाइज सिस्टम की मदद से कर्मचारी का खाता मर्ज होगा. अभी तक यही नियम है कि जब कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाता है तो वह या तो पीएफ का पैसा निकाल लेता है या फिर दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कराता है. अभी तक खाता ट्रांसफर कराने का यह काम खुद करना होता है।

अभी क्या है नियम

इसके लिए पुरानी और नई कंपनी में कुछ कागजी औपचारिकताएं होती हैं जिन्हें पूरा करना होता है. इन कागजी कार्यवाही के चलते कई लोग पुरानी कंपनी में पीएफ का पैसा छोड़ देते हैं. नई कंपनी में पहले के UAN पर ही दूसरा पीएफ खाता बन जाता है. लेकिन इस पीएफ खाते में पूरा बैलेंस नहीं दिखता क्योंकि कर्मचारी पुराने खाते को नए से मर्ज नहीं कराए होते हैं. अब यह झंझट खत्म हो जाएगा.

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क्या होगा बदलाव

दरअसल, सेंट्रलाइज सिस्टम पीएफ के खाताधारकों के अलग-अलग अकाउंट को मर्ज कर एक अकाउंट बनाएगा। इससे खातों को मर्ज करने का झंझट खत्म हो जाएगा और कर्मचारी कई तरह की कागजी कार्यवाही से बच सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई ईपीएफओ की 229वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया है. ईपीएफओ के केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में कई मसलों पर विचार चल रहा है।

इनमें पीएफ की ब्याज दर बढ़ाने से लेकर पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम पेंशन की राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किए जाने की संभावना है. हालांकि ट्रेड यूनियनों की मांग है कि श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ पेंशन को 6,000 रुपये करे।

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InvITs फंड में लगेगा पीएफ का पैसा

इसी के साथ EPFO के सेंट्रल बोर्ड ने FIAC समिति को केस टू केस बेसिस पर निवेश करने के अधिकार दे दिए।

भारत सरकार द्वारा नोटिफाइड सभी एसेट क्लास में अब ईपीएफओ निवेश कर पाएगा. ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया कि ईपीएफओ की सालाना जमा राशि का 5 फीसदी हिस्सा अब अल्टरनेटिव इनवेस्टेमेंट्स (AIF) 5 फीसदी राशि निवेश की जाएगी।

अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स में InvITs फंड आता है जो म्यूचुअल फंड की तरह होता है. InvITs फंड पूरी तरह से सरकारी है और इसका रेगुलेशन सेबी की तरफ से होता है।

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शनिवार को चल रही इसी बैठक में पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम पेंशन की राशि बढ़ाने और पीएफ के ब्याज दर पर भी चर्चा होनी है. इसी दौरान अल्टरनेटिव फंड्स में निवेश बढ़ाने पर निर्णय लिया गया. ईपीएएफ के सेंट्रल बोर्ड ने इसकी अनुमति दे दी है।

 

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