Paytm के शेयर में पहले दिन ही क्यों आई भारी गिरावट? देखते-देखते निवेशकों के डूबे 45 हजार करोड़, अब क्या करें इन्वेस्टर्स जानिए

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Paytm Stock Rate- देश की जानी-मानी पेमेंट ऐप पेटीएम (Paytm) की पेरेंट कंपनी One 97 Communications इश्यू प्राइस 2150 रुपये प्रति शेयर के मुकाबले 1955 रुपये पर लिस्ट हुआ. लेकिन जाने-माने ब्रोकरेज हाउस मैक्यूरी (Macquarie) ने कंपनी के शेयर का लक्ष्य 1200 रुपये प्रति शेयर तय किया है. इसके बाद कंपनी के शेयर में शुरू हुई बिकवाली जारी है.

शेयर करीब 27.40 फीसदी गिरकर 1560 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. इसका मार्केट कैप 1.01 लाख करोड़ रुपये . आज की गिरावट के बाद निवेशकों की संपत्ति को करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. बाजार के जानकारों का कहना है कि 1500 रुपये के भाव के नीचे कंपनी का शेयर आकर्षक है. इस गिरावट पर खरीदारी सही रणनीति हो सकती है।

देश का सबसे बड़ा आईपीओ

पेटीएम का 18,300 करोड़ रुपए का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO है. कंपनी ने नए इक्विटी शेयर जारी करके 8,300 करोड़ रुपए जुटाए और मौजूदा शेयरधारकों और प्रमोटरों ने 10,000 करोड़ रुपए के शेयर बेचे.

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इस आईपीओ को मिला था 1.89 गुना सब्सक्रिप्शन

पेटीएम का IPO 1.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था. कंपनी को 4.83 करोड़ शेयरों के मुकाबले 9.14 करोड़ शेयरों की बोलियां मिली थी. यह काफी हद तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के सपोर्ट के कारण हुआ. IPO में QIB का कोटा 2.79 गुना सब्सक्राइब हुआ था. वहीं रिटेल निवेशकों का कोटा 1.66 गुना भरा था. नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा केवल 24% ही भर पाया था.

पेटीएम के शेयर ने उम्मीद से बेहद खराब प्रदर्शन किया है. गुरुवार की सुबह शेयर की लिस्टिंग 1950 रुपये के भाव पर हुई. इसके कुछ मिनटों में ही शेयर गिरकर 1586 रुपये के भाव पर आ गया. हालांकि, कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और शेयर में खरीदारी की. लेकिन दिन के कारोबार में एक बार फिर से शेयर में तेज बिकवाली हावी होने लगी. अगर ये 1560 के भाव को छूता है तो शेयर में कारोबार बंद कर दिया जाएगा. जी हां, शेयर पर लॉअर सर्किट लिमिट 1560 रुपये है.

Paytm के शेयर में क्यों आई गिरावट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट के बाद शेयर में बिकवाली आई है. ब्रोकरेज हाउस मैक्यूरी (Macquarie) ने कंपनी को लेकर कई सवाल खड़े किए है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि पेटीएम के बिजनेस मॉडल में फोकस और दिशा की कमी है. ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी को ‘कैश गज़लर’ कहते हुए लिखा है कि कंपनी के सामने मुनाफा हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती है. साथ ही, मौजूदा नियम और कॉम्पीटिशन कंपनी के लिए बड़ी चिंता है.

रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, पेटीएम पेमेंट बिजनेस मॉडल को यूपीआई सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है. आपको बता दें कि सरकारी कंपनी एनपीसीआई ने यूपीआई को विकसित किया है और दिसंबर 2019 में, यूपीआई को भारत सरकार द्वारा उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए मुफ्त (शून्य एमडीआर) उपलब्ध कराया जा रहा है।

पेटीएम का वैल्यूएशन काफी महंगा है. इसने कहा है कि रिजर्व बैंक जल्द ही फिनटेक के लिए बाय नाऊ, पे लेटर पर रेगुलेशन ला सकता है. इस ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि अपनी स्थापना से लेकर अब तक पेटीएम ने 19 हजार करोड़ रुपए की रकम जुटाई. यह सभी रकम घाटे में इस समय है।

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अब Paytm का क्या कहना है

कंपनी ने कहा है कि IPO के जरिए जुटाई गई रकम में से 4,300 करोड़ रुपए का इस्तेमाल अपने पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए करेगी. कंपनी अपने मर्चेंट और कस्टमर्स को टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सर्विसेस पर और ज्यादा सुविधाएं देगी. कंपनी 2,000 करोड़ रुपए का इस्तेमाल नए बिजनेस इनिशिएटिव और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के लिए करेगी. बाकी रकम का इस्तेमाल जनरल कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

 

जोमैटो के सामने फीकी पड़ी Paytm

इस गिरावट के बीच Paytm का मार्केट कैप जोमैटो से भी कम हो गया है. जोमैटो का मार्केट कैप आज 1.23 लाख करोड़ रुपए जबकि पेटीएम का मार्केट कैप 1.08 लाख करोड़ रुपए है. लिस्टिंग से पहले मार्केट कैप का अनुमान 1.48 लाख करोड़ रुपए का था.

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