वानखेड़े पर 26 आरोपों की चिट्ठी: नवाब मलिक के जारी किए पत्र में एनसीबी अफसर पर ड्रग्स रखवाने से लेकर चोरी तक के आरोप

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क्रूज ड्रग्स केस में आर्यन खान को गिरफ्तार करने वाले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अफसर समीर वानखेड़े पर राजनीतिक हमले बढ़ते ही जा रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता नवाब मलिक पिछले एक हफ्ते से लगातार वानखेड़े और एनसीबी पर निशाना साध रहे हैं। इस कड़ी में एक नया मोड़ मंगलवार को आया, जब मलिक ने एक अज्ञात एनसीबी अफसर की चिट्ठी को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया। इस चिट्ठी में एनसीबी के मुंबई डिवीजन के जोनल हेड समीर वानखेड़े पर लगे 26 आरोपों की जानकारी दी गई है। नवाब मलिक ने इस चिट्ठी के जरिए ही वानखेड़े पर नकली जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने का आरोप लगा है।

नवाब मलिक ने जो चिट्ठी साझा कि उसमें क्या?
राकांपा नेता ने अपने ट्विटर हैंडल से जो चिट्ठी साझा की है, उसे एनसीबी अधिकारी की तरफ से लिखे जाने का दावा है। चिट्ठी की शुरुआत में कहा गया, “मैं एनसीबी का कर्मचारी हूं और पिछले दो सालों से मुंबई कार्यालय में कार्यरत हूं। पिछले साल जब एनसीबी को सुशांत सिंह राजपूत मामले में ड्रग एंगल की जांच सौंपी गई तब राजस्व खुफिया निदेशालय में काम रहे समीर वानखेड़े को एनसीबी के जोनल डायरेक्टर के पद पर जॉइन कराया गया।” चिट्ठी में आगे समीर वानखेड़े और एनसीबी अधिकारियों पर कई बॉलीवुड सिलेब्रिटीज से पैसे मांगने और उगाही के आरोप लगाए गए हैं।

चिट्ठी में क्या हैं समीर वानखेड़े पर 26 आरोप?
1. चिट्ठी में कहा गया- समीर वानखेडे ने दिनेश चव्हाण को करण अरोड़ा, जैद विला अबास लखानी के कबूलनामें में रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती सैमुअल मिरांडा आदि का नाम लिखने को कहा, जिस पर दिनेश चव्हाण, superintendent ऑपरेशन ने साफ साफ माना कर दिया तब से समीर ने दिनेश चव्हाण को ऑपरेशन के कार्यभार से मुक्त कर दिया व विश्व विजय सिंह को ऑपरेशन का जिम्मा सौंपा व तब से लेकर आज तक विश्व विजय सिंह, समीर वानखेड़े के हाथों की कठपुतली है व दोनों ने मिलकर एनडीपीएस की धारा 27ए का दुरुपयोग किया व बेकसूर लोगों को फसाया व जैसा समीर कहता है विश्व विजय वैसा ही करता है। इसके बदले में समीर वानखेडे, विश्व विजय सिंह के खिलाफ एनसीबी कार्यालय में प्राप्त कंप्लेंट्स (जो की लोगों के घरों से तलाशी के दौरान लाखों रुपये व सोने के गहनों की लूट के बारे में होती है) को झूठा बता कर उसको लगातार बचाता आ रहा है। केस नंबर 16/2020 में विश्व विजय सिंह ने मोहम्मद जुम्मन से 20-25 लाख रुपेय लिए व उसने एनसीबी दफ्तर मुंबई में लिखित कंप्लेंट की है, परंतु समीर वानखेड़े ने से आरोप गलत बता के कंप्लेंट क्लोज कर दी है।

  1. केस नंबर 03/2021 में समीर खान को झूठे केस में अरेस्ट कर के 200 किलोग्राम तंबाकू को गांजा दिखा के गलत तरीके से केस बनाया व वित्तीय लेन देन का आरोप लगा कर एनडीपीएस की धारा 27A का दुरुपयोग किया।

  2. केस नंबर 06/2021 में मोहम्मद नजीम खान के घर आशीष रंजन 10 ने 61 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  3. केस नंबर 09/2021 में मोहम्मद बिलाल को 136 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल मे डाल दिया।

  4. केस नंबर 18/2021 में अमजद असलं शेख के घर आशीष रंजन 10 ने 64 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  5. केस नंबर 24/2021 मे शाहबाद बटला के घर पर सिपाही पी सी मोरे ने समीर के कहने पर ड्रग सप्लायर आदिल उसमानी से 60 ग्राम मेफेड्रोन (MD) खरीदकर उसके घर रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  6. केस नंबर 27/2021 मे अब्दुल काबीर व नजीया शेख के घर 52 व 54 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर दोनों पर झूठा केस बनाया व उन्हें जेल में डाल दिया।

  7. केस नंबर 28/2021 मे इमरान के घर आशीष रंजन 10 ने 57 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  8. केस नंबर 29/2021 में केन्निय के घर 200 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया ।

  9. केस नंबर 30/2021 में अंसारी समीरुद्दीन के घर 55 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  10. केस नंबर 31/2021 में चीकुड़ी पीटर, नाइजीरियन को 22 ग्राम कोकीन व 250 ग्राम चरस रखकर झूला केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया ।

  11. केस नंबर 32/2021 में अब्दुल गफ्फार कुरेशी के घर 52 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  12. केस नंबर 33/2021 में शोयन हैदर खान के घर 1.2 ग्राम मेफेड्रोन (MD) व 17 ब्लॉट्स एलएसडी के रखकर झूठा केस बनाया व उसके घर से 17 लाख रुपये नगद मिले थे और एनसीबी की टीम ने समीर के कहने के बाद 9 लाख रुपये केस में दिखाये व बाकी आपस में बांट लिए।

  13. केस नंबर 40/2021 में समीर सुलेमान सना व सरफराज कुरेशी को आशीष रंजन 10, विश्व विजय सिंह, सुपरिटेंडेंट ने इनके घर में 50 व 60 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उन्हें जेल में डाल दिया। इनके घर से 25 लाख रुपये व सोने के आभूषण गायब किए। शिकायत होने पर समीर ने मामला रफा दफा किया।

  14. केस नंबर 44/2021 में सिकंदर हुसैन सजाद के पास से घर से 12 बोतल कोडीन के खांसी के सिरप व कुछ मात्रा में गांजा व मेफेड्रोन (MD) मिला था लेकिन सिपाही विष्णु मीना ने समीर वानखेडे के कहने पर 2 कार्टन कोडीन के खांसी के सिरप उसके घर पर रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया। उसकी बहन के पास सिपाही विष्णु मीना के हाथ मे 2 कार्टून ले जाते हुए का वीडियो भी है। उसकी पुकार कोई भी नहीं सुन रहा ।

  15. केस नंबर 49/2021 में अहसान सजाद खान के घर 62 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया ।

  16. केस नंबर 51/2021 में सोहेल शेख के घर 62 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  17. केस नंबर में फाहद सलीम कुरैशी के घर 60 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  18. केस नंबर 63/2021 में मोहम्मद अशील शेख के घर 57 ग्राम मेफेड्रोन (MD) रखकर झूठा केस मनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  19. केस नंबर 71/2021 में समीर मुख्तार सैयद के घर 200 ग्राम परस मिला था लेकिन समीर वानखेडे के कहने पर उस पर 1200 ग्राम चरस का झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  20. केस नंबर 77/2021 में एक नाइजीरियन नागरिक को मानखुर्द से पकड़ा जिससे कोई भी ड्रग नहीं मिली थी, लेकिन समीर वानखेडे में उसके पास से 254 ग्राम हेरोइन व 7.5 ग्राम कोकेन का झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया ।

  21. केस नंबर 80/2021 में एक नाइजीरियन नागरिक को खारघर से पकड़ा था जिससे कोई भी ड्रग नहीं मिली थी लेकिन समीर वानखेडे ने उसे 60 ग्राम (MD) रखकर झूठा केस बनाया व उसे जेल में डाल दिया।

  22. फेस नंबर 88/2021 में एक गुजरिंग को पकड़ा था जिसे जेल में डाल दिया व seizure के दौरान उसका डेबिट कार्ड जब्त किया था जोकि गुजरात में किसी बैंक का था व उसका PIN नंबर NCB के अधिकारियों से लिया था व समीर के कहने के बाद व गुज़र को जेल भेजने के बाद उसका डेबिट कार्ड इस्तेमाल करके 40000 रु निकाले गए।

  23. केस नंबर 94/2021 में कोर्डेला फ्रज पर जो छापा डाला है, उसमे सभी पंचनामे एनसीबी मुंबई द्वारा लिखे गए हैं। भाजपा के इशारे पर उनके दो कार्यकर्ताओं ने समीर वानखेड़े के साथ मिलीभगत से ड्रग केस किया है। क्रूज पर एनसीबी के कर्मचारी सुपरिटेंडेंट विश्व विजय सिंह, जांच अधिकारी (IO) आशीष रंजन, किरण बाबू, विशावनाथ तिवारी और जूनियर इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (JIO) सुधाकर शिंदे, ओटीसी कदम, सिपाही रेड्डी, पी.डी. गोरे व विष्णु गीगा, ड्राइवर अनिल माने व समीर का निजी सचिव शरद कुमार व अन्य कर्मचारी अपने सामना में छिपा कर ड्रग से गए थे व मौका पाकर लोगो के निजी समान में रखा। सगीर वानखेडे को सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई बॉलीवुड या मॉडल या सेलेब्रिटी मिलना चाहिए तो वह उसे जबरदस्ती ड्रग अपने पास से रखकर उनका बना देता है। इस मामले में भी थे यही हुआ है। समीर पिछले एक माह से भाजपा के दोनों कार्यकर्ताओं (केपी गोसावी और मनीष भानुशाली) से संपर्क में है और क्रूज से जितने भी आदमी पकड़े गए थे, उन्हें एनसीबी ऑफिस लाया गया व सारे पंचनामे एनसीबी ऑफिस में बैठ कर बनाए गए, परंतु रिशब सचदेव, प्रतीमा व अगीर फरनीचरवाला को उसी रात दिल्ली से फोन आने पर छोड़ा गया। इस गागले मे समीर वानखेडे की फोन कॉल डीटेल चेक की जा सकती है। अरबाज मर्चेंट के दोस्त अब्दुल से कुछ ड्रग्स नहीं मिली थी, लेकिन समीर के कहने से उस पर भी ड्रग की रिकवरी दिखा दी गई है। समीर ने इस केस में अपने (एनसीबी) कार्यालय के ड्राइवर विजय को पंच यानि गवाह बना दिया है, जबकि कानून कहता है कि गवाह स्वतंत्र होने चाहिए। यह सारा केस फर्जी है व ड्रग जो प्राप्त हुई है समीर व उसके साथियों ने प्लांट की है।

  24. NCB ने गोवा में प्रसाद वादके के घर 17 ग्राम LSD सिपाही रेड्डी ने रखकर नकली case बना कर जेल भेजा।

  25. बिग बॉस में भाग लेने वाले अरमान कोहली के घर सिपाही विष्णु मीना व रेड्डी ने 1 ग्राम कोकेन रखकर उस पर नकली केस बना कर उसे जेल भेज दिया। जब से समीर वानखेड़े ने NCB मुंबई में कार्यभार संभाला है, तब से जो भी केस NCB ने किए हैं, उनमें पकड़े गए आदमियों से लगभग 25 खाली पेपरों पर हस्ताक्षर लिए जाते हैं व अपनी मनमर्जी से पंचनमा बदल लिया जाता है। हस्ताक्षर वाले खाली कागज NCB के सभी IOs की मेज की दराज में रखे है व superintendent विश्व विजय सिंह की अलमारी में रखे है, आप छापा मार कर निकाल सकते है। इसके साथ थोड़ी मात्रा मे drug भी समीर व विश्व विजय सिंह के कार्यालय के कमरे से बरामद की जा सकती है।

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