इस वजह से थाना प्रभारी और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर बर्खास्त, जानिए पूरा मामला

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भोपाल। मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। हत्या के एक मामले में गलत इन्वेस्टिगेशन के आरोप के बाद डिपार्टमेंटल इंक्वायरी में दोषी पाए गए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश दुबे और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दान सिंह परस्ते को बर्खास्त कर दिया गया है। डिपार्टमेंटल इंक्वायरी में एएसआई प्रमोद पांडे भी आरोपित किए गए थे परंतु उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया है। विभागीय जांच सिंगरौली एसपी वीरेंद्र सिंह आईपीएस द्वारा की गई एवं टर्मिनेशन ऑर्डर आईजी रीवा जोन केपी वेंकटेश्वर राव ने जारी किए हैं।
मामला मध्यप्रदेश के सतना जिले के मऊगंज थाना क्षेत्र का है। महिला संगीता कोल की संदिग्ध मृत्यु के मामले में विभागीय जांच की गई थी। महिला की डेड बॉडी जली हुई अवस्था में मिली थी। विभागीय जांच के दौरान पाया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने ‘केस ऑफ डेथ ड्यू टू स्ट्रगुलेशन’ लिखा था। यानी गला दबाकर हत्या की गई है लेकिन इंस्पेक्टर हरीश दुबे ने मऊगंज थाना के मर्ग क्रमांक 31/17 धारा 174 जौ.फौ. में 3 वर्ष विलंब से अपराध कामय किया था।
प्रकरण दर्ज करने में 3 साल की देरी के कारण पुलिस अधीक्षक ने एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी से विभागीय जांच करवाई थी। एडिशनल एसपी ने अपनी रिपोर्ट में मऊगंज थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश दुबे, ASI दान सिंह परस्ते और ASI प्रमोद पाण्डेय को दोषी बताया था।
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