कौशाम्बी : मुफ्त में बांटे गए बल्ब के होल्डर में लगे सिम व डिवाइस से हड़कंप, आतंकी साजिश की आशंका

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भरवारी बाजार में उज्ज्वला योजना के तहत बांटे गए एलईडी बल्ब में सिम लगी इलेक्ट्रानिक डिवाइस निकलने के बाद जिले की खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं। एजेंसियां इस मामले को आतंकी साजिश का हिस्सा मानते हुए जांच कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगे एलईडी बल्ब कब, क्यों और कैसे यहां लाए गए? इसका पता लगाने के लिए एसओजी के साथ ही एसटीएफ ने भी जिले में डेरा डाल दिया है। मामले से जुड़े पांच संदिग्ध युवकों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है।

भरवारी कस्बा निवासी बृजेश केशरवानी ने बताया कि सप्ताह भर पहले उसकी दुकान पर एक अनजान युवक आया। उसने उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क एलईडी बल्ब देने की बात कही। साथ ही उसे एक नि:शुल्क एलईडी बल्ब भी दिया। युवक के चले जाने पर जब बृजेश ने बल्ब जलाया तो बल्ब फ्यूज निकला। बृजेश जब बल्ब को ठीक कराने के लिए बाजार में दुकानदार के पास गया तो तो उसमें सिम लगा हुआ इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिला। बल्ब में सिम लगी डिवाइस मिलने के बाद हड़कंप मच गया।

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एसओजी ने बल्ब और डिवाइस कब्जे में लिया
लोगों ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। देर रात सक्रिय हुई जिले की एसओजी टीम ने भरवारी पहुंच कर डिवाइस समेत एलईडी बल्ब को अपने कब्जे में ले लिया है। दूसरे दिन बुधवार को एसटीएफ ने भरवारी  पहुंचकर इस कारोबार में जुड़े पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया। इसे आतंकी गतिविधि से जुड़ा मामला मानकर एलआईयू के साथ ही आईबी को भी सक्रिय कर दिया गया है। इस मामले को लेकर दूसरे दिन एसटीएफ ने भरवारी, मनौरी और चरवा बाजार सहित कई अन्य स्थानों पर छापे मारे। सूत्रों के अनुसार पड़ोसी जनपद प्रयागराज, प्रतापगढ़ और वाराणसी में पुलिस और एसटीएफ ने दबिश दी है। हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ की जा रही है।

जवाब नहीं दे रहे आला अधिकारी
जिले के प्रमुख बाजार भरवारी में उज्ज्वला योजना के नाम पर बांटे जा रहे एलईडी बल्ब में सिम कार्ड लगी हुई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले को लेकर जिले के आला अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। कोई भी अधिकारी इस मामले पर जानकारी देने को तैयार नहीं है। देर रात तक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रकरण में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

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एडीजी ने देर रात जिले का किया दौरा
भरवारी में एलईडी बल्ब में सिम लगी डिवाइस मिलने के बाद आला अधिकारी भी जिले के दौरे पर पहुंच गए। बुधवार की देर रात एडीजी प्रेम प्रकाश ने जिले के दौरा कर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले की पूरी रिपोर्ट ली।

Kaushambi : बल्ब और बाक्स में मिले डिवाइस और सिम।


चरवा और मनौरी में भी दिए गए बल्ब
एलईडी बल्ब में सिम लगी डिवाइस चरवा और मनौरी बाजार में भी कुछ लोगों को बांटी गई। इस मामले में आईटी एक्सपर्ट की टीम भी सक्रिय की गई है। बल्ब का होल्डर देखने के बाद आईबी की टीम अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि इसके अलावा बल्ब कहां-कहां बाटे गए हैं। बल्ल सप्लायर की भी खोजबीन शुरू है। बृजेश केसरवानी के मुताबिक जब उसे होल्डर देने के लिए युवक आया तो उसके पास एक सूची थी। सूची में भरवारी की ही एक महिला का भी नाम था। सूची में चरवा और मनौरी के लोगों का भी नाम शामिल था।

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घर के बगल में मंदिर और विहिप का दफ्तर तो नहीं थे निशाने पर
भरवारी कस्बे में बृजेश केसरवानी के जिस घर से निजी टेलीकाम कंपनी का सिम व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगा बल्ब मिला है, उस घर से 20 मीटर की दूसरी पर विश्व हिंदू परिषद का कार्यालय भी है। घर से महज 50 मीटर की दूरी पर प्राचीन राम जानकी मंदिर भी है। उसी के बगल में तालाब में शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाएगा। मंदिर परिसर में भंडारा भी होना है। इन सब बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मेजा में भी मिला डिवाइस
प्रयागराज के कौशाम्बी में इसी तरह के बल्ब में सिम मिला। मुफ्त में दिए गए बल्ब और बाक्स में सिम लगा डिवाइस मिलने से हड़कंप मचा रहा। लोग इसे आतंकियों की साजिश बताते रहे।

 

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