लोकायुक्त का दावा है कि चोरी के मामले को रफा-दफा करने के लिए उपरोक्त तीनों अधिकारियों ने अपने ही ऑफिस की महिला कर्मचारी से ₹21000 रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त टीम की ओर से बताया गया कि जबलपुर स्थित संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में चौकीदार के पद पर पदस्थ महिला अनीशा बेगम ने शिकायत की थी। महिला कर्मचारी ने बताया कि कुछ महीने पहले लोक शिक्षण कार्यालय में चोरी हो गई थी।
इसमें कंप्यूटर समेत कई अन्य सामग्री चोरी हुई थी। लोक शिक्षण कार्यालय के अधिकारी उसे चोर बता रहे थे क्योंकि वह कार्यालय परिसर में स्थित सरकारी आवास में रहती है।
उसे धमकी दी गई थी कि या तो वह चोरी गई सामग्री वापस करें नहीं तो उसे कार्यालय परिसर से भगा दिया जाएगा। महिला कर्मचारी ने बताया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए संयुक्त संचालक राम मोहन तिवारी, लिपिक अशोक शिववेदी, कैशियर संतोष पटेल ₹21000 की मांग कर रहे थे।
लोकायुक्त टीम के अनुसार शिकायत प्राप्त होने पर उस की प्रारंभिक जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर रणनीति के तहत महिला कर्मचारी को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया।
महिला कर्मचारी संयुक्त संचालक राम मोहन तिवारी के पास रिश्वत की रकम लेकर पहुंची तो उन्होंने अपने क्लर्क अशोक शिववेदी के पास भेज दिया और वहां से कैशियर संतोष भटेले के पास भेजा गया। महिला कर्मचारी ने जैसे ही कैसियर को पैसे दिए, लोकायुक्त की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।