नियमित शिक्षक भर्ती के बावजूद सरकार के खिलाफ माहौल क्यों बन रहा है

नियमित शिक्षकों की भर्ती करना एक अच्छा कदम है। यह जरूरी था और यदि इतनी देर नहीं होती तो इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा भी की जाती परंतु मध्यप्रदेश में सरकार के प्रति नाराजगी का माहौल इसलिए बन रहा है क्योंकि सरकार ने बिना प्लानिंग के नवीन शिक्षकों को अतिथि शिक्षकों की जगह नियुक्त कर दिया। त्यौहार के ठीक पहले अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
शिक्षा सत्र शुरू हो चुका था और अतिथि शिक्षक कक्षा में पढ़ा रहे थे। उनकी विदाई के फोटो एवं वीडियो वायरल हो रहे हैं जो निश्चित रूप से मार्मिक हैं और भावनाओं को उद्वेलित करने वाले हैं। सरकार को चाहिए था कि अतिथि शिक्षकों को वर्तमान शिक्षा सत्र पूरा करने दिया जाता है। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करने में देरी सरकार ने की है, हर्जाना भी सरकार को ही भुगतना चाहिए था।
पूरे प्रदेश में अतिथि शिक्षक एवं उनके परिवार जन लामबंद हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके भावनात्मक संदेश। उनकी लाचारी और कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण के बावजूद बिना किसी गलती के उनकी सेवा समाप्ति, अतिथि शिक्षकों को बड़े पैमाने पर जनता का समर्थन दिला रही है। मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और जल्द ही राजधानी भोपाल में किसी बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इन्हें सरकार के लाठीचार्ज और पुलिस प्रकरण की परवाह भी नहीं है क्योंकि इनमें से ज्यादातर सरकारी नौकरी के लिए ओवर एज हो गए