इस बार परीक्षाएं कोरोनाकाल से पहले की तरह यानी ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा केंद्रों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस साल राजस्व विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को मिलाकर टीमों का गठन किया गया है। टीम परीक्षा केंद्र पर जाकर उसका भौतिक सत्यापन करेगी। देखेगी के परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी लगा है या नहीं।
इंटरनेट की उपलब्धता है या नहीं। इंटरनेट की स्पीड कितनी है। इसके अलावा फर्नीचर, पंखे, पेयजल और लाइट आदि की व्यवस्था की जांच की जाएगी।
दरअसल एमपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के लिए जो मापदंड निर्धारित किए हैं, उसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र बनाना थोड़ा मुश्किल होगा। पिछली बार जब ऑफलाइन परीक्षा हुई थी तब एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा इंटरनेट का कितना उपयोग नहीं किया जाता था परंतु लॉकडाउन के दौरान बहुत सारी व्यवस्थाएं ऑनलाइन हो गई है। और फिर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्टूडेंट्स के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखना है।