राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन सिंह गौड़ का 15 दिन पहले ही ट्रांसफर हुआ है। ट्रांसफर से पहले वह खातेगांव के एसडीएम के पद पर थे। सांसद के घर के ठीक पास वाले सरकारी आवास में रहते थे। ट्रांसफर हो जाने के कारण पिछले 15 दिनों से उनके बंगले पर ताला लगा हुआ है। इसी दौरान चोर ताला तोड़कर अंदर घुस आए।
शनिवार को जब त्रिलोचन सिंह गौड़ खातेगांव लौटे तो उन्हें उनके बंगले का ताला टूटा हुआ मिला। उन्होंने पुलिस को इंफॉर्मेशन दी और बंगले के अंदर गए। यहां उनकी कुर्सी पर उन्हीं की डायरी से एक पन्ना फाड़ कर उन्हीं के पेन से लिखी गई चिट्ठी मिली। इस पर लिखा था “जब पैसे नहीं थे तो लॉक भी नहीं करना था कलेक्टर.” (शायद चोरों ने सोचा होगा कि एसडीएम कहीं घूमने गए हैं, सारा सामान घर में रखा होगा। मोटा माल मिलेगा। उन्हें नहीं पता था कि त्रिलोचन सिंह गौड़ का ट्रांसफर हो चुका है।)