RBI Monetary Policy: RBI ने Repo Rate में नहीं किया कोई बदलाव, Sensex फिर 60000 के ऊपर

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Home-Car Loan सस्‍ता और होने के आसार फिर घट गए हैं। क्‍योंकि RBI ने प्रमुख ब्याज दरों में एक बार फिर से कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक इसकी जानकारी दी।

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। Home-Car Loan सस्‍ता और होने के आसार फिर घट गए हैं क्‍योंकि RBI ने प्रमुख ब्याज दरों में एक बार फिर से कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक के बाद बताया कि रेपो रेट (Repo Rate) को 4 फीसदी पर बरकरार रखा है, साथ ही रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) को 3.35 फीसदी पर बनाए रखा है। इस बीच, Sensex फिर 60 हजार अंक के ऊपर पहुंच गया है। Nifty 50 भी 17,896.70 अंक पर कारोबार कर रहा है।

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जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 9.5 फीसद

रिजर्व बैंक ने 2021-22 के लिए जीडीपी में ग्रोथ (GDP Growth) के अनुमान को भी 9.5 फीसद पर यथावत कायम रखा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की द्विमासिक तीन दिन की बैठक 6 अक्‍टूबर को शुरू हुई थी और 8 अक्‍टूबर तक चली है। यह आठवीं बार है जब RBI ने प्रमुख ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि जानकारों ने पहले ही कहा था कि RBI प्रमुख ब्‍याज दरों में कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा। HDFC Bank के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने कहा था कि रिजर्व बैंक अपनी चौथी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित छोड़ सकता है।

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आठवीं बार नहीं बढ़ाई दर

महामारी की पहली लहर के बीच 22 मई, 2020 को रेपो दर में 0.4 प्रतिशत कटौती के बाद से केंद्रीय बैंक ने पिछली आठ समीक्षाओं में नीतिगत दरों को यथावत रखा हुआ है। विशेषज्ञों ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने लगातार आठवीं बार नीतिगत दरों पर यथास्थिति बनाए रखी है।

महंगाई दर में आई कमी

शक्तिकांत दास ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति जुलाई 2021 में 5.59 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2021 में 5.3 प्रतिशत हो गई। महामारी के कारण प्रतिबंधों में ढील देने और क्षमता में सुधार के साथ आपूर्ति की स्थिति में सुधार हुआ। Consumption अब भी रिकवरी मोड में है, MPC पर ब्याज दरों में बदलाव या समायोजन के रुख को बदलने का कोई तत्काल दबाव नहीं है। इसलिए CPI Inflation अनुमान को 5.7 फीसद से घटाकर 5.3 फीसद कर दिया गया है।

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