मध्य प्रदेश में काटन स्पिनिंग इकाई लगेगी, च्यवनप्राश भी बनेगा

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भोपाल। नर्मदापुरम में काटन स्पिनिंग इकाई स्थापित होगी तो पीथमपुर में डाबर का च्यवनप्राश बनेगा। यह भरोसा उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात में दिया है। यहां बेस्ट कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड और डाबर के अधिकारियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए राज्य सरकार सभी प्रकार का सहयोग करेगी। राज्य सरकार त्वरित कार्य और समय-सीमा में गतिविधियों के संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। बेस्ट कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आर. राजकुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका संस्थान मोहासा (नर्मदापुरम) में भी काटन स्पिनिंग, होजरी, फैब्रिक निटिंग और वैट प्रोसेसिंग इकाई स्थापित करेगा। इकाई में नौ हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।

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बेस्ट कार्पोरेशन उज्जैन जिले में 11 एकड़ क्षेत्र में होजरी इकाई स्थापित कर रहा है। कार्पोरेशन की पूर्व में 60 कराेड स्र्पये निवेश की योजना थी। राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीति और प्रदेश के सहयोगी वातावरण को देखते हुए कार्पोरेशन अपना निवेश बढ़ा रहा है। इससे रोजगार सृजन भी अधिक होगा। संस्थान की ओर से 620 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की योजना है। उधर, डाबर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर मोहित मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री से कहा कि देवारण्य योजना आयुर्वेदिक और पर्सनल केयर प्रोडक्ट बनाने वाली इकाइयों के लिए उपयोगी है।

औद्योगिक निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण और सुविधाओं को देखते हुए डाबर अन्य राज्यों की अपेक्षा मध्य प्रदेश में निवेश का इच्छुक है। धार के पीथमपुर में 19.62 हेक्टेयर में 570 करोड़ के निवेश की योजना है, जिससे लगभग 1200 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। इसमें खाद्य सामग्री, च्यवनप्राश सहित अन्य आयुर्वेदिक उत्पाद, पर्सनल केयर संबंधी उत्पाद बनाए जाएंगे। इकाई की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 75 हजार टन प्रतिवर्ष होगी।

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इथेनाल उत्पादन का प्रस्ताव रखा

मुख्यमंत्री से मुलाकात में वेकमेट इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर मयंक अग्रवाल और राहुल अग्रवाल ने बीओपीटी/ बीओपीपी फिल्म निर्माण की 900 करोड़ रुपये निवेश की योजना पर चर्चा की। इससे लगभग 800 व्यक्तियों के लिए रोजगार उपलब्ध होगा। इसी क्रम में महाकौशल डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के प्रदीप अग्रवाल और विकास मित्तल ने इथेनाल उत्पादन संबंधी प्रस्ताव रखे।

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