मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों की सुविधा के लिए कई मोबाइल एप बनाए हैं। शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी), रेलवे, सीनियर सिटीजन, महिला अपराध, वाहन चोरी की रिपोर्ट जैसे एप इन दिनों काम कर रहे हैं। कई एप होने से लोगों को भ्रम होता था। अब इंटीग्रेटेड एप तैयार किया गया है, जिसमें पुराने फीचर के साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था की गई है। नए फीचर ‘वाच मी टिल सेफ डिस्टेंस” से उन महिलाओं को मदद मिलेगी जिन्हें लगता है कि वे जिस रास्ते से जा रही हैं, वहां खतरा है। इस फीचर को चुनते ही महिला का मोबाइल नंबर डायल-100 के कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगा। एप व मोबाइल के जरिये उसकी लोकेशन कंट्रोल रूम को दिखती रहेगी।

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कंट्रोल रूम से महिला के रूट पर नजर रखी जाएगी। रूट अलग होने, किसी स्थान पर अधिक देर रूकने या निर्धारित अवधि में दूरी तय नहीं होने पर महिला से संपर्क किया जाएगा। सब कुछ ठीक होने पर निगरानी जारी रहेगी, लेकिन फोन नहीं उठाने जैसी स्थिति बनने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच जाएगी। निगरानी में शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जाएगी। साथ ही एक पाइंट से अगले पाइंट पर खड़ी डायल-100 को भी सूचना दी जाएगी। गंतव्य पर पहुंचने के बाद निगरानी बंद हो जाएगी।

 

अन्य सुविधाएं भी रहेंगी

एप को तैयार करने में देश में महिला अपराध को लेकर घटी बड़ी घटनाओं का विश्लेषण किया गया है। एक अन्य फीचर चुनते ही कुछ सेकंड का आडियो- वीडियो फोन में रिकार्ड हो जाएगा। कई बार महिला स्थिति के बारे में बता नहीं पाती है, रिकार्डिंग से घटना को समझने में मदद मिलेगी।

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इनका कहना है

 

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर इंटीग्रेटेड (कई एप को एक साथ करना) एप तैयार किया है। महिला सुरक्षा का इसमें विशेष ध्यान रखा गया है। डायल-100 के लिए नए टेंडर होने हैं, इसलिए अभी जनता के लिए लांच नहीं किया गया है। पुलिस की आंतरिक व्यवस्था में इस एप का परीक्षण शुरू कर दिया गया है।