नीमच। सिंगोली क्षेत्र के अथवाकलां में आदिवासी युवक को ट्रक से बांधकर सड़क पर घसीटने की घटना की पूरे देश में चर्चा हो रही है। युवक के साथ मारपीट भी की गई। गंभीर चोट आने पर युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार की घटना का वीडियो शनिवार को वायरल होने पर पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले को लेकर बसपा प्रमुख मायावती और पूर्व सीएम कमल नाथ ने सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

एक कार, पिकअप वाहन व मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह कान्हा उर्फ कन्हैयालाल भील की अथवाकलां फंटा पर बाइक से टक्कर हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। कुछ देर बाद बाइक चालक ने कुछ साथियों को बुला लिया और कन्हैयालाल को पिकअप वाहन के पीछे बांधकर घसीटा व मारपीट की गई। गंभीर हालत में कन्हैयालाल को वहीं छोड़कर भाग गए, जिसे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। विवेचना के दौरान पुलिस ने छीतरमल गुर्जर निवासी गांव पाटन को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। साक्ष्य के आधार पर प्रकरण में धार 304 के बाद 302 व एट्रोसिटी एक्ट का इजाफा किया। आरोपित छीतरमल से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई। अमरचंद्र गुर्जर, महेंद्र गुर्जर निवासी जेतलिया, धीरज धाकड़ निवासी गांव चल्दू, लक्ष्मण गुर्जर, सल्लू डाक्टर, गोपाल पुत्र लालू गुर्जर निवासी पाटन और लोकश निवासी सिंगोली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इनमें से छीतरमल, महेंद्र, गोपाल, लोकेश और लक्ष्मण को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मायावती ने ट्वीट कर सख्त सजा देने की मांग की

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में आदिवासी वर्ग के कन्हैयालाल भील की मामूली बात पर की गई पिटाई व फिर उसे गाड़ी में बाांधकर घसीटने से हुई मौत दिल दहलाने वाली माब लिंचिंग की यह घटना अति-निन्दनीय। सरकार दोषियों को सख्त सजा दे, बीएसपी की यह मांग।

नीमच की घटना पर कांग्रेस का सरकार पर हमला

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भोपाल। नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। नीमच जिले में आदिवासी व्यक्ति के साथ बर्बरता को लेकर कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि कन्हैयालाल के साथ बेहद अमानवीय घटना सामने आई है। चोरी की शंका पर बुरी तरह से पीटने के बाद उसे एक वाहन से बांधकर निर्दयता से घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सतना, इंदौर, देवास और अब नीमच में अमानवीयता की घटना हुई है। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। लोग बेखौफ होकर कानून हाथ में ले रहे हैं, उन्हें कानून का कोई डर नहीं है। सरकार नाम की चीज कही भी नजर नहीं आ रही है।

कमल नाथ ने सरकार से मांग की कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो। वहीं, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में इंदौर के हजारों छात्रों को ग्वालियर, मुरैना, जबलपुर जैसे दूरस्थ स्थानों पर परीक्षा केंद्र दिए जाने पर कमल नाथ ने कहा कि कोरोना काल में ऐसे निर्णय से हजारों छात्रों के भविष्य एवं जिंदगी से खिलवाड़ होना था। मैंने राज्यपाल से आग्रह किया था कि विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय प्रशासन को आदेशित करें कि परीक्षा केंद्र इंदौर में ही रखें। विश्वविद्यालय प्रशासन से यह निर्णय ले लिया है, उनका धन्यवाद व आभार।

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