रिपोर्ट के मुताबिक, जैश प्रमुख मसूद अजहर अगस्त के तीसरे हफ्ते में कंधार गया था और वहां तालिबान के नेताओं से मिला था। मीटिंग का मकसद कश्मीर में तालिबानी आतंकियों की मदद लेना है। मसूद अजहर ने मुल्ला अब्दुल गनी बरादर सहित तालिबान नेताओं से मुलाकात की है।

बता दें, मसूद अजहर आतंकियों का वही आका है जिसे इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC 814 में यात्रियों की सुरक्षा के बदले जेल से रिहा किया गया था। इस विमान को आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था। फ्लाइट काठमांडू से लखनऊ आ रही थी।

मीडिया में अटकलें हैं कि अफगानिस्तान में वापसी के बाद तालिबान जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियां बढ़ा सकता है।

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हालांकि, तालिबान ने स्पष्ट किया है कि वे अफगान क्षेत्र को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं करने देंगे। वहीं भारत के प्रति भी अब तक रुख नरम ही रहा है। तालिबानी नेताओं ने कहा है कि वे भारतीयों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और भारत चाहे तो अफगानिस्तान में अपने प्रोजेक्ट पूरे कर सकता है।