Katni News: चोरी के बच्चे का उपचार कराने आई महिला ने जिला अस्पताल से पार किया दूसरा बच्चा

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कटनी। बाकल थाना क्षेत्र के ग्राम मसंधा से शनिवार को डेढ़ माह के बच्चे की चोरी कर उसका इलाज कराने सोमवार को जिला अस्पताल पहुंची एक महिला ने मौका पाकर एक और बच्चे को चोरी कर लिया। बाकल के बाद जिला अस्पताल से बच्चा चोरी होते ही हड़कंप मच गया। पता लगाने के लिए पुलिस ने फौरन अलग-अलग टीम गठित कर जांच शुरु की। इस बीच दो दिन पहले शनिवार को बाकल थाना क्षेत्र के ग्राम मसंधा से चोरी हुए बच्चे का पता लगाने में अपने स्टाफ के साथ जुटे बाकल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अनिल काकड़े को प्रारंभिक सफलता मिली। बताया जाता है कि महिला की संदेही महिला की तलाश में दमोह जिले के झादा गांव पहुंची पुलिस टीम को वहां महिला तो नहीं मिली पर उसका मोबाइल नंबर पुलिस को मिल गया। जिसके बाद पुलिस ने संदेही महिला के मोबाइल नंबर को सर्विलांस में डाला और उसकी पल-पल की लोकेशन लेना शुरू कि। इसी बीच कल सोमवार को जिला चिकित्सालय से दूसरा बच्चा चोरी कर भाग रही आरोपी महिला की लोकेशन तेवरी के पास मिली। महिला को पकडऩे के लिए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने अलग से एक टीम को तेवरी भेजा। आरोपी महिला को बस से उतारकर जांच में वह चोरी के दो बच्चों के साथ मिली। एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि खुशी इस बात की है कि दोनों बच्चे सुरक्षित हैं। आरोपी महिला सिया बाई निवासी झादा जिला दमोह से गहन पूछताछ की जा रही है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के दिशा निर्देश व नवागत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केडिया के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल व बाकल थाना अंतर्गत ग्राम मसंधा से बच्चा चोरी की दो अलग-अलग वारदातों को सुलझाने नगर पुलिस अधीक्षक शशिकांत शुक्ला कोतवाली प्रभारी अजय बहादुर सिंह, माधवनगर थाना प्रभारी विजय कुमार विश्वकर्मा, कुठला थाना प्रभारी विपिन सिंह, रंगनाथ नगर थाना प्रभारी नितिन कमल, बाकल थाना प्रभारी अनिल काकड़े, खिरहनी पुलिस चौकी प्रभारी प्रीति पांडे, उपनिरीक्षक धनंजय पांडे, नेहा मौर्य, सहायक उपनिरीक्षक बहादुर सिंह, आरक्षक पलाश दुबे, अजय सिंह की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी पुलिस टीम को पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।

सीएम व प्रदेशाध्यक्ष ने थपथपाई कटनी पुलिस की पीठ

बाकल थाना अंतर्गत ग्राम मसंधा व जिला चिकित्सालय से बच्चा चोरी की दो अलग-अलग वारदातों का तत्परता से पर्दाफाश करने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व सासंद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व्ही.डी.शर्मा ने अपने-अपने ट्वीटर हैंडिल में कटनी पुलिस की पीठ थपथपाते हुए ट्वीट कर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी व पूरी पुलिस टीम को बधाई दी है।

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

-भठ्ठा मोहल्ला निवासी गोमती पति सूरज को 21 अगस्त की सुबह 10 बजे प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने एक बच्चे को जन्म दिया।

-23 अगस्त की दोपहर प्रसूति वार्ड में भर्ती गोमती बाई के बगल के बेड में एक महिला आकर बैठी और गोमती की देवरानी चाय लेने गई तभी तीन दिन के बच्चे को चोरी कर लिया।

-जिला अस्पताल से बच्चा चोरी होने के साथ ही हड़कंप मच गया। परिजनों के हंगामे के बाद एसपी मयंक अवस्थी ने फौरन जांच के लिए अलग-अलग टीम गठित की।

-सागर और दमोह एसपी सहित पड़ोसी जिले के एसपी से बात कर यात्री ट्रेनों की छानबीन शुरू कराई गई।

-इस बीच 21 अगस्त की दोपहर बाकल थाना क्षेत्र के मसंधा गांव से सोनू कोल के डेढ़ माह का बच्चा चोरी होने की जांच में जुटी बाकल पुलिस दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र के झादा गांव पहुंची।

-झादा गांव में महिला नहीं मिली, लेकिन उसका मोबाइल नंबर पुलिस को मिल गया। महिला के मोबाइल लोकेशन कटनी से जबलपुर मार्ग पर तेवरी के समीप मिला, एसपी को सूचना के बाद फौरन दूसरी टीम तेवरी भेजा गया।

-तेवरी में महिला को बस से उतारा गया। आरोपी महिला चोरी के दोनों के बच्चों के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गई। महिला को कटनी लाकर थाने में पूछताछ की जा रही है।

दो बच्चों की मां है आरोपी महिला

एक जानकारी में बताया जाता है कि आरोपी महिला वेश बदल लेती थी। महिला के बैग से सट्टापर्ची आदि भी मिली हैं। वह पुलिस को लगातार गुमराह कर रही है। वह कह रही है कि समझ नहीं आ रहा कि बच्चे उसने क्यों चुराए हैं। बताया जा रहा है कि इसके दो बच्चे भी हैं। दो विवाह हुए हैं। पहले पति को छोड़ चुकी हैं, जिससे दो बच्चे हैं। अब दूसरे पति के साथ रह रही है।

इसके पहले हो चुंकि है बच्चा चोरी की वारदातें

जिला अस्पताल में लगातार बच्चा चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। 8 फरवरी 2019 को जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड से ग्राम जरवाही निवासी पूजा पटेल पति धर्मेंद्र पटेल का बच्चा चोरी हो गया है। एक महिला बच्चे को वार्ड से उठा ले गई थी। इसके पहले भी दो घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें एक मीडियाकर्मी की तत्परता से एक बच्चा मिला था।

सिलेंडर, ऑक्सीजन कंपोनेटर, मोबाइल भी चोरी

जिला अस्पताल में सिर्फ  बच्चा चोरी नहीं हो रहे हैं बल्कि सामग्री भी लगातार चोरी हो रही है। ऑक्सीजन सिलेंडर भी कोरोना काल में चोरी हो चुके हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन उपकरण सहित मरीजों व परिजनों के मोबाइल सहित अन्य सामग्री लगातार पार हो रही है। इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सवालों में जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था

गौरतलब है कि जिला अस्पताल में एक्स सर्सिव मेन जबलपुर के 24 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। प्रतिमाह स्वास्थ्य विभाग हर माह 2 लाख 61 हजार 729 रुपये से अधिक का भुगतान कर रहा है। इसके बाद भी वार्डों से बच्चे चोरी हो रहे हैं। गार्ड डॉक्टरों की चाकरी व अन्य कामों में मशगूल रहते हैं। पूर्व में गार्डों द्वारा मरीजों के साथ अभद्रता, मारपीट, अवैध रूप से मरीजों को इंजेक्शन लगाना सहित अन्य अवैध कार्यों में संलिप्त पाया गया। इसके बाद भी जिला अस्पताल प्रबंधन ध्यान नहीं दिया।

आईडी सिस्टम हुआ फेल

कोई भी नवागत कलेक्टर जिला अस्पताल का ताबड़तोड़ निरीक्षण करने के बाद अपने अनुसार व्यवस्था बनाने के निर्देश देते हैं लेकिन व्यवस्था कभी सुदृढ़ नहीं हुई। हाल के वर्षों में तीन बार पास सिस्टम शुरू हुआ लेकिन विरोध के कारण बंद हो गया। जिला अस्पताल में बाहरी लोग बेवजह अस्पताल में प्रवेश करते हैं, वारदातों को अंजाम देते हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। अब सिविल सर्जन डॉ.यशवंत वर्मा पास सिस्टम सख्ती से लागू करने की बात कह रहे हैं।

 

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