असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आईडी कार्ड: समाचार पत्र विक्रेता को भी किया शामिल

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कटनी। भारत सरकार के श्रम एवम रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त को देश भर के लगभग 43.7 करोड़ असंगठित श्रमिको के लिए ई श्रम कार्ड योजना का शुभांरभ करने जा रही है , सम्पूर्ण देश में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सीएससी ई गवर्नेंस को इस ई श्रम कार्ड बनाने का जिम्मा सौंपा गया है ।

सीएससी के राज्य समन्वयक उपेन्द्र त्रिपाठी ने बताया की परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर देश भर के असंगठित श्रमिक जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते है , इनके कार्य के अनुसार विभाजन कर खाका तैयार किया जाएगा ताकि इनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर क्रियान्वित किया जा सके ।

असंगठित श्रमिको का डेटा बेस को मंत्रालय ने NDUW तथा कार्ड को ई श्रम कार्ड का नाम दिया गया है ।

ई श्रम कार्ड में पंजीयन की पात्रता

ऐसे असंगठित श्रमिक जिनकी उम्र 16 से 59 साल की हो , श्रमिक आयकर दाता नही होना चाहिए , ईपीएफओ और ईएसआईसी का सदस्य नहीं होना चाहिए तथा सरकार द्वारा जिस श्रम को असंगठित श्रमिक श्रेणी में रखा गया है उसमे कार्य करना चाहिए ।

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असंगठित श्रमिको की श्रेणी

लगभग 30 क्षेत्रों में कार्य करने वालो को असंगठित श्रमिक की श्रेणी में रखा गया है जैसे –
छोटे और सीमांत किसान।
मछुआरों।
पशुपालन में लगे लोग।
बीड़ी रोलिंग।
लेबलिंग और पैकिंग।
भवन और निर्माण श्रमिक।
चमड़े क्षेत्र के कर्मचारी।
बुनकरों।
बढ़ई।
नमक कार्यकर्ता।
ईंट, भट्ठे और पत्थर की खदानों में काम करने वाले मजदूर।
आरा मिलो में काम करने वाले मजदूर।
दाइयों।
घरेलू श्रमिक।
नाइयो।
सब्जी और फल विक्रेता।
समाचार पत्र विक्रेता।
रिक्शा खींचने वाला।
ऑटो चालक।
रेशम उत्पादन कार्यकर्ता।
टेनरी कार्यकर्ता।
सामान्य सेवा केन्द्र।
घर की नौकरानी।
सड़क किनारे विक्रेता।
मनरेगा कार्यकर्ता।
दूध देने वाले किसान।
प्रवासी मजदूर ।

आवेदन के लिए क्या होना चाहिए

सीएससी ई गवर्नेंस के माध्यम से श्रमिको का पंजीयन पूर्णत निशुल्क होगा ,आवेदक के पास आधार कार्ड, बैंक का खाता, मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से होना चाहिए, इसके अलावा यदि श्रमिक अपनी इच्छा से शिक्षा का प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, व्यवसाय प्रमाण पत्र ,कौशल प्रमाण पत्र इत्यादि की भी जानकारी दे सकता है।

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असंगठित श्रमिक श्रेणी हेतु पंजीयन क्यों करे ?

असंगठित श्रमिको के यूनिक आईडी कार्ड बनते ही असंगठित श्रमिको को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जायेगा इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी ।
असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है उसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जो की मंत्रालय और सरकार ने चलाई है उन्हे आसानी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा ।
श्रमिक की गतिविधियां और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे है को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा । आपदा के समय इन असंगठित श्रमिको तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी । रोजगार के अवसर भी इनके लिए इनके वर्ग के हिसाब से सरकार सृजित कर सकेगी साथ ही यदि कही किसी विशेस वर्ग के मजदूरों की जरूरत होगी तो इसी यूनिक आईडी के माध्यम से इन लोगो को सूचित भी किया जा सकेगा ।

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इनका कहना है

सीएससी ई गवर्नेंस के माध्यम से संपूर्ण देश में लगभग 43.7 करोड़ असंगठित कामगारों का पंजीयन होगा , राज्य में भी तैयारी पूर्ण है तथा निशुल्क पंजीयन हो उस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ।

कमलेश बंजारिया
सीएससी स्टेट हैड

इस ई कार्ड के पंजीयन में आधार कार्ड की एवम मोबाइल की अनिवार्यता है साथ ही ई केवाईसी के माध्यम से श्रमिक की डिटेल्स पोर्टल पर फैच होगी जिसके लिए ओटीपी, फिंगर प्रिंट, आंख की पुतली से भी ई केवाईसी होगी ,यह कार्ड जीवन भर के लिए मान्य है तथा इसमें पंजीयन पूर्णत फ्री है पर अगर श्रमिक कोई जानकारी कार्ड में अपडेट करवाना चाहता है तो 20 रुपए का शुल्क का भुगतान करना होगा , सम्पूर्ण राज्य में सीएससी जिला टीम के द्वारा सीएससी संचालकों को ब्लॉक स्तरीय ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है ।

 

 

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