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जबलपुर, कटनी सहित 33 जिलों में मनचाहे वेतन पर नियुक्त होंगे निजी डॉक्टर

भोपाल। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार प्रदेश के 33 जिलों में संविदा पर प्राइवेट डॉक्टरों की सेवाएं लेगी। ये डॉक्टर मनचाहे वेतन पर रखे जाएंगे और उन अस्पतालों में ड्यूटी देंगे, जहां डॉक्टर न होने से संसाधनों का उपयोग नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इच्छुक डॉक्टरों से 8 से 30 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।

प्रदेश के 16 जिला अस्पतालों और 23 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन और एनेस्थेटिस्ट नहीं हैं। ऐसे ही 28 जिला अस्पताल और 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इससे संबंधित शहरों-कस्बों में स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई हैं।

जबकि इन जगहों पर जरूरी संसाधन हैं। इसलिए सरकार ने निजी डॉक्टरों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले डॉक्टरों की आयुसीमा 62 साल तय की गई है। वहीं एक डॉक्टर पांच अस्पतालों के लिए आवेदन कर सकता है। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक और उत्तराखंड सरकारें इस पर पहले से काम कर रही हैं।

रिवर्स बिडिंग से तय होगा वेतन

डॉक्टर आवेदन के साथ ये भी बताएंगे कि वे किस जगह सेवाएं देंगे और कितना वेतन लेंगे। उसी जगह के लिए यदि दूसरा डॉक्टर भी सेवाएं देने को तैयार है तो दोनों के वेतन का अंतर देखा जाएगा। जिसने कम वेतन मांगा होगा। सरकार उसे एक साल के लिए नियुक्ति कर देगी।

सरकारी डॉक्टर भी डेपुटेशन पर जा सकेंगे

इस योजना के तहत सरकारी डॉक्टर भी इन अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे सकेंगे। ऐसे डॉक्टरों को डेपुटेशन पर संबंधित जगह भेजा जाएगा और उनके द्वारा मांगे गए वेतन और सरकार से मिल रहे वेतन के अंतर की राशि दी जाएगी।

80 फीसदी रिजल्ट लाने पर दोबारा मिलेगा मौका

योजना के तहत इन अस्पतालों में नियुक्त डॉक्टरों को दूसरे साल सेवा में रहने के लिए परीक्षा देनी होगी। जिसमें 80 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है। ये परीक्षा एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) लेगा। इसमें इनके सालभर के कामकाज का लेखा-जोखा देखा जाएगा।

इन जिलों में नियुक्त होंगे डॉक्टर

सिंगरौली, अलीराजपुर, डिंडौरी, सीधी, टीकमगढ़, मंडला, आगर, अशोकनगर, राजगढ़, छिंदवाड़ा, रायसेन, विदिशा, उज्जैन, खरगोन, बालाघाट, बैतूल, छतरपुर, गुना, झाबुआ, नीमच, सागर, उमरिया, सीहोर, रीवा, कटनी, अनूपपुर, भिंड, देवास, धार, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम और सतना आदि।

डॉक्टरों के 2855 पद खाली

प्रदेश में डॉक्टरों के 2855 पद खाली हैं। इनमें से 1985 विशेषज्ञ और 870 मेडिकल ऑफिसर के पद हैं। इस वजह से दूरदराज के जिले और कस्बों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं।

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