MP के इन अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द मिलेगी बड़ी सौगात! राज्य शासन को भेजा गया प्रस्ताव

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भोपालमध्यप्रदेश (MP) में अधिकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल वन विभाग (forest department) के मैदानी अधिकारी कर्मचारियों को जल्द पदोन्नति (promotion) दी जा सकती है।

विभाग ने इस मामले में तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने पुलिस की तर्ज पर ही वन विभाग के अधिकारियों को पदोन्नत करने का फैसला किया है। जिसमें डिप्टी रेंजर को सीनियरिटी (seniority) के आधार पर रेंजर का प्रभार दिया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा कवायद शुरू कर दी गई है।

दरअसल मध्यप्रदेश के वन विभाग (forest department) ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। वहीँ इसे शासन को भेजा जा चुका है जो कर्मचारी 5 साल से अधिक समय से पदोन्नति (promotion) का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें जल्द बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। डिप्टी रेंजर को सीनियरिटी (seniority) के आधार पर रेंजर (ranger) का प्रभार दिया जा सकता है। जिसके बाद फारेस्ट एक्ट के तहत शिकार, चोरी और अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई में तेजी आएगी।

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वन विभाग में जिला संभाग और राज्य सेवा के लगभग 25000 से अधिक पद है। जिनमें 3000 से अधिक पदोन्नत से भरा जाना है। वही इन रिक्त पदों को भरने के लिए कर्मचारियों को प्रमोशन देने के लिए विभाग द्वारा उच्च पदों का प्रभार देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

जानकारी की माने तो मध्यप्रदेश में वन क्षेत्रपाल के 180 पद रिक्त हैं जबकि डिप्टी रेंजर के 672 और फॉरेस्टर के 1562 पद रिक्त हैं। Department के कामकाज में भी बुरी तरह से प्रभाव पड़ रहा है। वहीं कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार देने से सरकार को किसी भी तरह के अतिरिक्त भार का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल उच्च पद के समान वेतनमान और भत्ते पहले से ही कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। इसलिए सरकार पर कोई भी आर्थिक भार नहीं आएगा। अब इस मामले में जल्द सरकार बड़ा फैसला ले सकती है।

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ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2002 को खारिज कर दिया था। जिसके बाद से ही प्रदेश में पदोन्नति पर रोक लग गई है। हालांकि इस मामले में मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

इधर शिवराज सरकार (hivraj government) की सत्ता में वापस आते ही एक बार फिर से पुलिस विभाग में पदोन्नति के लिए बीच का रास्ता निकाला गया है। जिसके तहत पुलिसकर्मियों को पदोन्नति किया जा चुका है। अब वन विभाग के मैदानी अमले के अधिकारियों के लिए भी जल्द यह नियम लागू किया जा सकता है।

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