Katni News: सियार के हमले में जख्मी किसान की ईलाज दौरान मौत, वन अमले को पता ही नहीं

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कटनी/कैमोर(विवेक शुक्ला)। कैमोर थाना क्षेत्र की खलवारा स्थित आदिवासी बस्ती में रहने वाले एक प्रौढ़ किसान की सियार के हमले से जख्मी होने के बाद ईलाज दौरान मौत हो गई। किसान की मौत के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारम्भ कर दी है पर वन विभाग के स्थानीय अमले को इसकी जानकारी ही नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैमोर के वार्ड क्रमांक 5 खलवारा की आदिवासी बस्ती में रहने वाले 45 वर्षीय किसान उमेश कोल को पिछले सप्ताह एक सियार ने काट कर जख्मी कर दिया था।

हादसा उस समय हुआ जब उमेश कोल खेत की तकवारी कर रहा था। सियार के हमले से घायल उमेश को परिजन उपचार के लिए विजयराघवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। परिजनों के अनुसार उसे तीन इंजेक्शन लग चुके थे, एक और लगना था।

हालत में सुधार देखते हुए परिजन उसे अस्पताल से घर ले आये थे। बताया गया कि कल सुबह 9 बजे उसकी तबियत एकाएक बिगड़ गई। उसे ईलाज के लिए फिर विजयराघवगढ़ ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

अस्पताल में शव पहुंचने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर शव अपने कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम कराया। परिजनों से शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

वन्यजीवों के हमले से जख्मी होने या मृत्यु होने पर शासन की ओर से मुआवजे का प्रावधान है। कोई व्यक्ति यदि किसी वन्यजीव के हमले का शिकार होता है तो इसकी सूचना वन विभाग को दी जानी चाहिए। घायल व्यक्ति का मुलाहिजा भी वन अधिकारी की मौजूदगी में होना चाहिए। ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं इसीलिए घटना होने पर भी वे मुआवजे से वंचित रह जाते हैं। कैमोर की इस घटना की जानकारी भी वन विभाग को नहीं है। कैमोर में पदस्थ वनपाल श्री पाठक ने बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की सूचना अब तक प्राप्त नहीं हुई। इसलिए कोई प्रकरण दर्ज नहीं है।

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