भोपाल। प्रदेश में अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। इसके नियम बनाए जा रहे हैं। नगर निगम कमिश्नर सुझाव दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि अब कोई भी अनाधिकृत कॉलोनी न बने।
यदि ऐसा होता है तो इसके लिए जिम्मेदारी उन्हीं की तय की जाएगी। भोपाल और इंदौर की तरह अन्य स्मार्ट सिटी भी जनभागीदार आधारित योजनाएं बनाएं। स्मार्ट सिटी में पूरे अधिकार आपके पास ही हैं, इसलिए परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करवाने की जिम्मेदारी भी आपकी ही है। यह बात नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने स्मार्ट सिटी और मेट्रो रेल परियोजना के कामों की समीक्षा करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए। शहर में संचालित सीवेज और जल आपूर्ति परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा किया जाए।
नए नियमों के तहत 30 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को वैध किया जा सकता है। इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। इससे भवन स्वामियों की कठिनाई तो दूर होगी ही निकायों की आय भी बढ़ेगी। उन्होंने भोपाल व इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी काम समय सीमा में पूरे किए जाएं।
जरूरी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द की जाए। इस दौरान मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास मनीष सिंह ने कहा कि जो भी प्रोजेक्ट बनाएं, उसे इस तरह बनाया जाए, जिससे उसका लाभ आगे भी नागरिकों को मिलता रहे। सागर और सतना के कामों में तेजी लाई जाए। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव ने स्मार्ट सिटी में चल रहे कार्यों की जानकारी दी।

 

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