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यह है मामला : लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि साईं विहार कॉलोनी सुहागी अधारताल निवासी चंद्रभान विश्वकर्मा ठेकेदार हैं। उन्होंने जिला अस्पताल सिवनी में सुधारात्मक निर्माण कार्य (सिविल और इलेक्ट्रिकल) का ठेका लिया था। करीब 44 लाख के निर्माण कार्य के बदले उन्हें विभाग द्वारा 35 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था। अंतिम बिल भुगतान के लिए उनसे प्रभारी कार्यपालन यंत्री (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वितीय तल सतपुड़ा भवन भोपाल) ने तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत दिए बगैर लंबित बिल का भुगतान करने से कार्यपालन यंत्री जैन ने इनकार कर दिया था। जिसके बाद चंद्रभान विश्वकर्मा ने लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा से शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जैन को रंगे हाथ पकड़ने के निर्देश दिए।

सड़क मार्ग से भोपाल पहुंची ट्रैप टीम : लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर डीएसपी दिलीप झरबड़े, निरीक्षक स्वप्निल दास, कमल सिंह उइके, नरेश बेहरा, भूपेंद्र दीवान, आरक्षक दिनेश दुबे, अमित मंडल, जीत सिंह की टीम का गठन किया गया।

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टीम के सदस्य सोमवार देर शाम सड़क मार्ग से भोपाल के लिए रवाना हुए। इधर ठेकेदार चंद्रभान भी सोमवार को भोपाल के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार सुबह लोकायुक्त टीम ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन के बाहर जाल बिछाया।

वहां पहुंचे कार्यपालन यंत्री जैन को ठेकेदार विश्वकर्मा ने जैसे ही रिश्वत में तीन लाख (दो लाख नकद व एक लाख रुपये का चेक) रुपये दिए, घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।