कमलनाथ का मैनेजमेंट फिर फेल, सिद्धू बने पंजाब के सरताज

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भोपाल। दिल्ली में कमलनाथ से मुलाकात के बाद जब सोनिया गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू को मिलने के लिए बुलाया तभी स्पष्ट हो गया था कि कमलनाथ कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए नहीं बल्कि अपने मित्र कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए दिल्ली गए थे।

कमलनाथ का मैनेजमेंट एक बार फिर फेल हो गया। वह नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष बनने से नहीं रोक पाए।

सभी जानते हैं कि दिल्ली के दरबार में कमलनाथ, कैप्टन अमरिंदर सिंह, भूपेश बघेल, अशोक गहलोत सहित कुछ ऐसे नाम है जो एक दूसरे की हर हाल में मदद करते हैं। इन सभी के बीच एक पॉलिटिकल गठबंधन है। एक दूसरे की रक्षा करने के लिए सभी प्रतिबद्ध हैं। इसके चलते सभी फायदे में रहते हैं और हाईकमान से वह सब फैसले करवा पाते हैं जो यह लोग किसी भी मीटिंग से पहले आपस में फिक्स कर लेते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जब दिल्ली की तरफ रवाना हुए तब दिल्ली से एक खबर चली की कमलनाथ को सोनिया गांधी ने अपने समकक्ष पद पर पदस्थ करने के लिए दिल्ली बुलाया है।
परंतु जब कमलनाथ और सोनिया गांधी की मीटिंग के बाद नवजोत सिंह सिद्धू कि सोनिया गांधी से मुलाकात हुई तो स्थिति स्पष्ट हो गई। कमलनाथ अपने मित्र कैप्टन अमरिंदर सिंह को बचाने के लिए और सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष पद पर पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली गए थे। बुरी खबर यह है कि कमलनाथ का मैनेजमेंट एक बार फिर फेल हो गया।
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