Transfer News: रिश्वत आरोपी दागी अधिकारी को प्रमोशन और मनचाही पोस्टिंग

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इंदौर। बिजली कंपनियों के अधिकारी जनता से पूरी इमानदारी की उम्मीद करते हैं परंतु दागी अधिकारियों को प्रमोशन और मनचाही पोस्टिंग दी जा रही है। मामला पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के असिस्टेंट इंजीनियर मोहन सिंह सिकरवार का है।

श्री सिकरवार को अगस्त 2020 में लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर ₹40000 रिश्वत लेने का आरोप है।

डिपार्टमेंट ने उन्हें सस्पेंड करके इंदौर जिले के बाहर पोस्टिंग दी थी। ताजा आदेश में उन्हें इंदौर जिले के महू में प्रमोशन के साथ पोस्टिंग दी गई है।

 

रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए असिस्टेंट इंजीनियर मोहन सिंह सिकरवार के मामले का निराकरण नहीं हुआ है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में वह निर्दोष साबित नहीं हुए हैं। ऐसी स्थिति में दागी अधिकारी को महत्वपूर्ण पद पर पोस्टिंग देना, वरिष्ठ अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाता है। श्री सिकरवार का तबादला आदेश सीजीएम संतोष टैगोर द्वारा जारी किया गया है। करंट चार्ज के रूप में सिकरवार को यहायक यंत्री बनाया गया है।

सीजीएम संतोष टैगोर की दलील

दागी इंजीनियर को इंदौर जिले में प्रमोशन (करंट चार्ज) पर पदस्थापना का आदेश देने वाले बिजली कंपनी के सीजीएम संतोष टैगोर का बयान सामने आया है। श्री टैगोर का कहना है कि बिजली कंपनी का राजस्व जिले से संबंध नहीं होता। कंपनी में तो सर्कल का सिस्टम लागू है। इस हिसाब से इंदौर सिटी सर्कल अलग है। ग्रामीण का सर्कल अलग है। महू क्षेत्र इंदौर सिटी सर्कल में नहीं आता। करंट चार्ज यानी प्रमोशन देने केे सवाल पर टैगोर ने जवाब दिया कि मैंने इस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसा है तो अभी आदेश में संशोधन देकर करंट चार्ज वापस ले लिया जाएगा।

 

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