Population Problem: सियासी चर्चा के बीच शिव’पुत्र’ कार्तिकेय का बड़ा बयान- इस पर कंट्रोल बेहद जरूरी वरना

Advertisements

भोपाल। देश भर में एक बार फिर से जनसंख्या नियंत्रण कानून (population control bill) पर सियासत शुरू हो गई है। विभिन्न राज्यों के जनसंख्या नियंत्रण कानून पर अपने-अपने मत हैं।

वहीं उत्तर प्रदेश सहित BJP शासित राज्यों द्वारा जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने की मांग की जा रही है।

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर मध्य प्रदेश (madhya pradesh)  में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।

सियासी बहस के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान (kartikeya singh chauhan) ने अब इस मामले में अपनी राय रखी है।

दरअसल शिव पुत्र कार्तिकेय ने कहा जनसंख्या नियंत्रण कानून आज देश की मांग है। जिस हिसाब से भारत की जनसंख्या (population) बढ़ रही है।

इसे भी पढ़ें-  Bhopal News: विश्वास सारंग के घर हंगामा कर रहे कांग्रेस नेता को पुलिस पकड़ ले गई

उससे एक वक्त ऐसी स्थिति बन जाएगी, जब हमारे पास संसाधन कम रहेंगे और जनसंख्या अधिक।

एक मीडिया हाउस चर्चा के दौरान शिव पुत्र कार्तिकेय ने कहा की युवा होने के नाते जनसंख्या नियंत्रण कानून को मेरा समर्थन है क्योंकि मैं चाहता हूं कि इस देश में कोई भी भूखे पेट ना सोए, इसलिए ये जरूरी है।

कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा कि अगर यही हालात रहे हैं तो प्रति व्यक्ति आय में कमी देखी जाएगी। शिवराज पुत्र कार्तिकेय ने कहा की जनसंख्या नियंत्रण कानून पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी का मुख्य कारण जनसंख्या है और हम अपनी जनसंख्या को संभालने में समर्थ नहीं है। जनसंख्या नियंत्रण कानून से जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।

इसे भी पढ़ें-  बड़ी खबर: सागर में संक्रमण ने फिर पैर पसारे : 7 नए कोरोना पॉजिटिव मिले

बता दें कि उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश में भी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग उठ रही है इससे पहले बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने कहा कि 10 साल में मध्य प्रदेश की आबादी में डेढ़ करोड़ की वृद्धि हुई है और यह सुरक्षा, विकास और सुशासन के माध्यम से बेहद डरावने आंकड़ा है। उन्होंने शिवराज सरकार से अपील की है कि प्रदेश की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी हैं।

Advertisements