कश्मीर, लखनऊ और कोलकाता: आतंकवाद पर ट्रिपल अटैक से ISIS से अलकायदा तक की साजिशें ध्वस्त

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इस्लामिक स्टेट और अलकायदा जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों की लंबे समय से भारत पर बुरी निगाह है। रविवार को जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक सुरक्षा एजेंसियों ने तीन खूंखार विदेशी आतंकी संगठनों पर दबिश देकर इनके कई नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया।

कश्मीर घाटी में जहां इस्लामिक स्टेट की ‘जिहादियों भर्ती योजना’ को नाकाम किया गया तो लखनऊ में अलकायदा के दो आतंकवादियों को दबोचने के साथ भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं। ये आतंकी 15 अगस्त से पहले यूपी को दहलाने की फिराक में थे। वहीं, कोलकाता में जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (JMB) के तीन दहशतगर्द दबोच लिए गए।

15 अगस्त पर यूपी में हमले की थी योजना

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने रविवार को राजधानी लखनऊ में अलकायदा समर्थित ‘अंसार गजवातुल हिंद’ से जुड़े दो आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया। ये 15 अगस्त पर लखनऊ सहित कई शहरों में बम विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। एडीजी लॉ प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एटीएस ने दुबग्गा निवासी मिनहाज अहमद और मड़ियांव के रहने वाले मसीरुद्दीन को गिरफ्तार किया है। मिनहाज के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और एक पिस्तौल बरामद हुई है। उसके घर से बरामद आईईडी को निष्क्रिय कराया जा रहा है। मसीरुद्दीन के पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। आतंकियों के कब्जे से प्रेशर कुकर बम भी बरामद हुआ है

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फिदायीन हमला कर सकते थे आतंकी

उन्होंने दावा किया कि ये लोग अलकायदा के उत्तर प्रदेश मॉड्यूल के मुखिया उमर हलमंडी के निर्देश पर अपने साथियों की मदद से आगामी 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, खासकर लखनऊ के महत्वपूर्ण स्थानों, स्मारकों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने और मानव बम के जरिए आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए हथियार तथा विस्फोटक भी जमा किया गया था। कुमार ने बताया कि इस गिरोह में लखनऊ तथा कानपुर के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। उनकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार लोगों ने पूछताछ के दौरान अपने सहयोगियों के घर से भाग जाने की बात बताई है। इस सिलसिले में एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस से सहयोग लेकर सघन जांच शुरू की है।

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बंगाल में दबोचे गए जेबीएम के आतंकी

जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के तीन संदिग्ध आतंकवादियों को रविवार दोपहर को दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने ये गिरफ्तारियां कीं। जेएमबी के ये तीन संदिग्ध आतंकवादी कुछ महीनों से किराए के एक मकान में रह रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक खुफिया सूचना मिलने के बाद तीन संदिग्ध आतंकवादियों को पकड़ा गया। हम मामले की जांच कर रहे हैं और उनसे पूछताछ कर रहे हैं।” कोलकाता पुलिस एसटीएफ के जॉइंट सीपी वी सोलोमन नेसाकुमार ने कहा, ”हमें जिहादी साहित्य मिला है और उनके फेसबुक अकाउंट्स का भी विश्लेषण किया गया है। एक डायरी भी मिली है जिसमें जेएमबी के कई अहम दस्यों के नाम और नंबर लिखे हैं। जांच शुरू कर दी गई है। इस हम कल कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।”

कश्मीर में ISIS कर रहा जिहादियों की भर्ती

सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) भारत में हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए युवाओं को भड़काने और उन्हें अपने संगठन में भर्ती करने की योजना पर काम कर रहा है। आईएस के मंसूबे को नाकाम करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को दक्षिणी कश्मीर के श्रीनगर और अनंतनाग में सात स्थानों पर दबिश दी। रविवार को चलाए गए तलाशी अभियान में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, हार्ड डिस्क जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ ही ऐसे टी-शर्ट बरामद किए गए हैं, जिन पर आईएसआईएस का लोगो है

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एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत के खिलाफ हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए यहां संवेदनशील युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें भर्ती करने की साजिश के संबंध में 29 जून को एक मामला दर्ज किया गया था। आतंकी सगंठन भारत-केंद्रित एक ऑनलाइन दुष्प्रचार पत्रिका ‘द वॉयस ऑफ हिंद’ (वीओएच) मासिक आधार पर प्रकाशित कर रहा है ताकि अलगाव और सांप्रदायिक घृणा की भावना पैदा करने के लिए काल्पनिक अन्याय की गलत कहानी पेश करके युवाओं को उकसाया जा सके। इस नापाक योजना को अंजाम देने के लिए ‘साइबरस्पेस में एक संगठित अभियान शुरू किया गया है।

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