हारे हुए सिंधिया हराने वाले KP से बड़े कैसे हो गए, पढ़िए भाजपा सांसद का जवाब

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ग्वालियर। इसी मध्यप्रदेश में एक नेता को आजीवन महत्व इसलिए मिला क्योंकि उसने अर्जुन सिंह को चुनाव हराया था और आज इसी मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज नेता को लोकसभा का चुनाव हराने वाले सांसद केपी यादव भाजपा की प्रथम पंक्ति के नेताओं में लास्ट नंबर पर भी खड़े हुए दिखाई नहीं देते। सांसद केपी यादव से आज इसी प्रकार का एक सवाल पूछ लिया गया।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हार कर भी मंत्री बन गए और उन्हें हराने वाले को साइडलाइन कर दिया गया। सांसद केपी यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कोई भी कार्यकर्ता साइड लाइन नहीं होता। सभी प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ता होते हैं लेकिन सभी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता।

यादव और सिंधिया दोनों कांग्रेस से भाजपा में आए हैं

इत्तेफाक देखिए कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद केपी यादव एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों कांग्रेस पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। सांसद केपी यादव किसी जमाने में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक हुआ करते थे। के पी यादव ने ही विधानसभा चुनाव 2018 के पहले ‘अबकी बार सिंधिया सरकार’ का नारा दिया था। जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया तो नाराज होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
पार्टी ने लोकसभा के चुनाव में उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मैदान में उतार दिया। चुनाव परिणाम बताते हैं कि केपी यादव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को ना केवल चुनाव हराया बल्कि शर्मनाक स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया था। राजनीति के इतिहास में इस चुनाव को कभी भुलाया नहीं जा सकता लेकिन सवाल हमेशा जिंदा रहेगा कि के पी यादव को भारतीय जनता पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव हराने का इनाम क्यों नहीं मिला।
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