Cyber Crime In Katni:फोन पे कस्टमर केयर से संपर्क किया तो खाते से निकल गये 56 हज़ार

Advertisements

Cyber Crime In Katni Kymore: कैमोर/केंद्र सरकार नगद और चैक से भुगतान सिस्टम के बजाए डिजिटल भुगतान पर जोर देते हुए बैंक आहरण पर तरह तरह के शुल्क लगा रही वहीं डिजिटल भुगतान पर अमल करने वाले आये दिन सायबर ठगी का शिकार हो रहे।

फिर सायबर ठगी का शिकार हुआ कैमोर का एक युवक

पिछले 2 जुलाई को कैमोर निवासी एक युवक सुनील वर्मा के दो अलग अलग खातों से ठगों ने 56 हज़ार से भी अधिक की राशि निकाल ली। ठगी का शिकार युवक कभी बैंक तो कभी पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा पर कहीं से भी उसे राहत नहीं मिल पा रही।

इसे भी पढ़ें-  Katni News: सियार के हमले में जख्मी किसान की ईलाज दौरान मौत, वन अमले को पता ही नहीं

कैमोर में सायबर ठगी का शिकार युवक सुनील वर्मा कैमोर हायर सेकेंडरी स्कूल का कर्मचारी है। कैमोर थाने में की गई अपनी लिखित शिकायत में सुनील ने बताया है कि उसने 26 जून को कटनी के संजीवनी मेडिकल स्टोर्स से कुछ ज़रूरी दवाएं एक दोस्त के जरिये मंगवाई थी। मेडिकल स्टोर्स द्वारा उसे 1822 रुपये का बिल व्हाट्सएप पर भेजा गया था।

उसने 26 जून को ही फ़ोन पे के माध्यम से 1822 रुपये मेडिकल स्टोर्स को भुगतान कर दिया। उक्त राशि मेडिकल स्टोर्स के खाते में ट्रांसफर नहीं हुई। फोन पे से उसे यह मैसेज मिला कि आज रविवार होने के कारण ट्रांजेक्शन नहीं हो पाया। वर्किंग डेज में पेमेंट ट्रांसफर हो जाएगा।

इसे भी पढ़ें-  Fake Id Facebook News Katni : फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर अश्लील मैसेज

इस मैसेज के 5 – 6 दिन बाद भी उसके द्वारा किया गया भुगतान मेडिकल स्टोर्स के खाते में नहीं पहुंचा जिस पर उसने 1 जुलाई को फोन पे कस्टमर केयर से संपर्क किया जिस पर उन्होंने उसके खाते के बैलेंस की जानकारी लेकर 1822 रुपये वापस उसके खाते में डालने की बात कही। बेलेंस बताने पर भी रकम उसके खाते में नहीं आई। दुबारा कस्टमर केयर से सम्पर्क करने पर कहा गया कि किन्ही कारणों से उसके खाते में रकम ट्रांसफर नहीं हो पा रही।

उससे दूसरा खाता नंबर मांगा गया। कस्टमर केयर पर जिससे उसकी बात हो रही थी उसकी बातों में आकर उसने अपना दूसरा खाता नंबर भी उसे दे दिया। बाद में पता चला कि उसके पहले खाते से 6500 और दूसरे खाते से 59890 रुपये निकल गए है। ठगी के शिकार सुनील वर्मा का कहना है कि अब न तो फोन पे वाले कोई सही जानकारी दे पा रहे न ही बैंक उसकी मदद कर रहा। पुलिस से संपर्क करने पर लिखित शिकायत ले ली गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही।

Advertisements