एक और भू आवंटन घोटाले में फंसे हुड्डा की मुश्किलें बढ़ीं, अभय-दुष्यंत और सैलजा के खेमे में खुशी

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 पानीपत। रोहतक में एक भू आवंटन में की गई अनियमितता में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस प्रकरण की जांच सीबीआइ करेगी।

हरियाणा में कांग्रेस के सबसे शक्तिशाली नेता हुड्डा के सामने पेश आई इस मुश्किल से उनके भारतीय जनता पार्टी के नेता तो मन ही मन बल्लियों उछल ही रहे हैं, भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी के नेताओं की प्रसन्नता की सीमा का कोई ओर-छोर नहीं होगा।

लेकिन ये तो गैर कांग्रेसी पार्टियां हैं, इस भीषण गर्मी में इनके नेताओं के कलेजे को तो ठंडक मिल ही रही है, कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी आनंद की अनुभूति हुई होगी।

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फिलवक्त हुड्डा का खेमा कुमारी सैलजा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए अपने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बना रहा है और उसने सैलजा को हटाने के लिए अभियान छेड़ रखा है। स्पष्ट है कि कुमारी सैलजा के खेमे को हुड्डा के खिलाफ एक और जांच के आदेश से खुशी होना स्वाभाविक है। लेकिन सबसे ज्यादा खुशी और सुकून इंडियन नेशनल लोकदल और जननायक जनता पार्टी के नेताओं अभय चौटाला और दुष्यंत चौटाला को हुआ होगा।

 

यद्यपि चाचा-भतीजे दोनों राजनीतिक कारणों से एक दूसरे के प्रबल विरोधी हैं, लेकिन दोनों इस बात पर एकमत हैं कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला और उनके बड़े बेटे अजय चौटाला को शिक्षक भर्ती घोटाले में फंसाने के पीछे हुड्डा का ही हाथ था। वैसे हुड्डा के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। लेकिन इस घोटाले के बारे में प्रदेश के बहुत कम लोगों को पता होगा, यहां तक कि रोहतक के भी अधिकतर अनभिज्ञ होगे, जहां वह भूमि है। इस भूमि का अधिग्रहण करने के हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी ने प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्ताव पेश किया था। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला थे।

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