कोरोना से हुई मौतों के लिए इंश्योरेंस का कोई प्रावधान नहीं, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

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केंद्र सरकार ने वकील गौरव बंसल द्वारा दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी, जिसमें कोरोना से होने वाली प्रत्‍येक मौत के लिए पड़ित परिवार को 4 लाख मुआवजा देने की मांग गई है। इस पर केंद्र ने दोहराया कि वित्त आयोग ने अक्टूबर 2020 में आर्थिक सहायता देने के लिए महामारी को आपदा के रूप में शामिल करने के खिलाफ सिफारिश की थी।

यह हलफनामा केंद्र सरकार के उस हलफनामे के स्‍पष्‍टीकरण में प्रस्तुत किया गया, जिसमें केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा था कि कोविड-19 से मरने वालों के परिवारों को ₹ 4 लाख की अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह राजकोषीय सामर्थ्य से परे है और केंद्र और राज्य सरकारें गंभीर वित्तीय तनाव में हैं।

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केंद्र सरकार ने वकील गौरव बंसल द्वारा दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी, जिसमें कोरोना से होने वाली प्रत्‍येक मौत के लिए पड़ित परिवार को 4 लाख मुआवजा देने की मांग गई है। इस पर केंद्र ने दोहराया कि वित्त आयोग ने अक्टूबर 2020 में आर्थिक सहायता देने के लिए महामारी को आपदा के रूप में शामिल करने के खिलाफ सिफारिश की थी।

यह हलफनामा केंद्र सरकार के उस हलफनामे के स्‍पष्‍टीकरण में प्रस्तुत किया गया, जिसमें केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा था कि कोविड-19 से मरने वालों के परिवारों को ₹ 4 लाख की अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह राजकोषीय सामर्थ्य से परे है और केंद्र और राज्य सरकारें गंभीर वित्तीय तनाव में हैं।

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