ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के तीन मंत्रियों का पद खतरे में ?

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भोपाल। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया की कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल हुए तीन मंत्रियों के पद खतरे में है। वैक्सीनेशन महा अभियान खत्म होने के बाद या तो तीनों मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया जाएगा। या फिर तीनों के डिपार्टमेंट छीन लिए जाएंगे।

मध्यप्रदेश में इन तीन मंत्रियों को हटाया जा सकता है
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ज्योतिरादित्य सिंधिया कोटे से स्वास्थ्य मंत्री बने डॉक्टर प्रभु राम चौधरी के परफॉर्मेंस से सबसे ज्यादा नाराज हैं। कोरोनावायरस संकटकाल में उन्होंने मुख्यमंत्री को कतई सहयोग नहीं दिया। अपने ही पटरी पर दौड़ते रहे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को चिकित्सा मंत्री की कुर्सी पर बैठकर काम करना पड़ा।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया से भी नाराज है। बताया जाता है कि श्री सिसोदिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा किसी को महत्व नहीं देते। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन के निर्देशों का पालन भी नहीं करते। इस लिस्ट में 1 नाम ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का भी है। श्री तोमर काम काम और तमाशा ज्यादा करते हैं। उनके कारण कई बार सरकार का मजाक बन जाता है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिल चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्रिमंडल में परिवर्तन की इच्छा के बारे में प्रधानमंत्री को बता दिया है। दिल्ली से इशारा मिलते ही सर्जरी कर दी जाएगी।

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