विज्ञापनों में झूठे दावों पर दो साल जेल, 10 लाख जुर्माने का प्रावधान

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नयी दिल्ली। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कड़े प्रावघानों वाले उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2018 में गलत या भ्रामक विज्ञापन देने पर दो साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

दो साल पहले भी पारित हुआ था यह नियम

अगर किसी सेलिब्रेटी ने भ्रामक विज्ञापन में काम किया तो अब उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है. साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. संसदीय समिति ने इसकी सिफारिश की है और इसे कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल में शामिल किए जाने की तैयारी है.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अगर ये प्रस्तावित सिफारिशें कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल में शामिल कर ली गईं तो ब्रैंड एंबेसेडर्स को कोई भी कॉन्ट्रेक्ट साइन करने से पहले सावधानी बरतनी पड़ेगी. इन सिफारिशों को जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा. खबर के मुताबिक समिति ने पहले से प्रस्तावित तीन साल की सजा को बढ़ाकर पांच साल करने और भारी-भरकम जुर्माने की सिफारिश की है.

तेलुगू देशम पार्टी के सांसद जेसी दिवाकर रेड्डी की अध्यक्षता में बनी इस समिति ने यह सिफारिशें विज्ञापनों में किए जाने वाले झूठे दावों पर नकेल कसने के लिए की हैं. खबरों के मुताबिक पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना और दो साल तक की जेल हो सकती है. लेकिन दूसरी बार में 50 लाख रुपये का जुर्माना और पांच साल की जेल हो सकती है.

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