MP Board 12th Exam Result 2021: रिजल्ट बच्चों का परीक्षा मध्य प्रदेश सरकार की, 12वीं का परिणाम देने में हो रही दिक्‍कत

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MP Board 12th Exam Result 2021: भोपाल। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं की परीक्षा रद करते हुए वार्षिक परिणाम जारी करने का जो फार्मूला तय किया है उसने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) के सामने नई उलझन खड़ी कर दी है।

दरअसल माशिम अब तक सीबीएसई के फार्मूले का इंतजार कर रहा था। सीबीएसई ने 30 फीसद अंक 10वीं, 30 फीसद अंक 11वीं और 40 फीसद अंक 12वीं की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाओं के आधार पर देकर 12वीं का वार्षिक परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया है।

इसके बाद माशिम के सामने मुश्किल यह खड़ी हो गई है कि वह भी इस फार्मूले को कैसे अपनाए, क्योंकि प्रदेश के स्कूलों में बीते साल 11वीं की परीक्षा हुई नहीं और इस साल भी कोरोना के कारण 12वीं की तिमाही और छमाही परीक्षाएं अधिकतर स्कूलों में नहीं हुईं। लिहाजा माशिम अब सीबीएसई का फार्मूला अपनाने का विचार छोड़ दिया है।

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माशिम के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के नौ हजार हायर सेकंडरी स्कूलों में से महज साढ़े तीन हजार स्कूल ही 12वी की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाओं का डाटा मंडल को उपलब्ध करवा सके हैं। इनमें से भी अधिकतर निजी स्कूलों का डाटा तो उपयोगी भी नहीं है। यह स्थिति देखते हुए प्रदेश सरकार ने नए सिरे से 12वीं के रिजल्ट का फार्मूला तय करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

सूत्रों की मानें तो इन हालात में अब सिर्फ 10वीं का रिजल्ट और 12वीं की ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थी की उपस्थिति ही इस साल के हायर सेंकडरी के वार्षिक परिणाम का आधार बचता है। हालांकि फार्मूला तय करने के लिए पिछले 15 दिन से मशक्कत चल रही है। इसकी जिम्मेदारी मंत्रियों के समूह को दी गई है। इनके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सहित पांच आइएएस अधिकारी इस काम में लगे हैं। इस साल 12वीं की परीक्षा में साढ़े सात लाख विद्यार्थियों को शामिल होना था।

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बच्चों ने उत्तर पुस्तिकाएं ही नहीं लौटाईं

हायर सेकंडरी का परिणाम तैयार करने माशिम ने जब स्कूलों से विद्यार्थियों के अंक मंगाए, तो पता चला कि पिछले साल 11वीं की वार्षिक परीक्षा ही नहीं हुई। इस साल कोरोना की वजह से स्कूल नहीं खुले इसलिए प्रोजेक्ट वर्क नहीं हुआ। सरकार ने हायर सेकंडरी की छमाही परीक्षा जरूर कराई थी। विद्यार्थियोें को उत्तर पुस्तिकाएं घर से लिखकर स्कूल में जमा करवानी थीं, पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाएं नहीं लौटाईं। निजी स्कूल तिमाही और छमाही परीक्षा नहीं करवा पाए।

सौ फीसद परिणाम के आसार

इस बार हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा का रिजल्ट सौ फीसद रहने के आसार हैं। किसी छात्र के साथ अन्याय न हो, इसलिए हर उस विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने लायक अंक मिल सकते हैं, जिसकी ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति रही है।

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इसी हफ्ते तय होगा फार्मूला

अब अन्य विकल्प पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 जून को मंत्री समूह की बैठक बुलाई है। उससे पहले मंत्री समूह फार्मूला तय करेगा। सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों से दो से तीन दिन में फार्मूला तय करने को कहा गया है।

इनका कहना

सीबीएसई ने फार्मूला तय कर दिया है। उम्मीद थी कि इस फार्मूले से हमें भी आसानी होगी लेकिन सीबीएसई का फार्मूला राज्य के हायर सेकंडरी के परिणाम में नहीं अपनाया जा सकता है। प्रदेश के स्कूलों में उक्त फार्मूले के अनुरूप डाटा उपलब्ध नहीं है। अगले दो से तीन दिन में प्रदेश का फार्मूला भी तय हो जाएगा और जुलाई अंत तक रिजल्ट भी दे देंगे।

इंदरसिंह परमार, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश

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