फाइजर से कोरोना वैक्सीन की 50 करोड़ डोज खरीदेगा अमेरिका, 92 गरीब देशों में होगा वितरण

Advertisements

Pfizer वाशिंगटन । अमेरिका दूसरे देशों को अनुदान के रूप में देने के लिए फाइजर वैक्सीन की 50 करोड़ डोज खरीदेगा। एक साल में कोवैक्स अलायंस के जरिये दुनिया के 92 गरीब और अफ्रीकी देशों के बीच इनका वितरण किया जाएगा। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने यह जानकारी दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन गुरुवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के शुरू होने से पहले अपने भाषण में इसका एलान करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, 10 करोड़ लोगों को महामारी से सुरक्षा प्रदान करने के लिए 20 करोड़ डोज इस साल दी जाएंगी। शेष डोज अगले साल की पहली छमाही में दे दी जाएंगी।

इसे भी पढ़ें-  ..जब वेटिकन सिटी में स्पाइडर मैन से मिले पोप, मास्क देकर चौंकाया; सेल्फी भी खिंचवाई

बाइडन ने डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ सावधान किया

राष्ट्रपति बाइडन के साथ ही उनके मुख्य सलाहकार डा. एंथनी फासी ने कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ लोगों को सावधान किया है। दोनों ने कहा है कि यह वैरिएंट बहुत ही संक्रामक है।

ब्रिटेन में इस समय यह वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, खासकर 12 से 20 साल के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट यानी बी.1.617.2 सबसे पहले भारत में पिछले साल अक्टूबर में पाया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, अब तक यह वैरिएंट दुनिया के 62 देशों में फैल चुका है।

इसे भी पढ़ें-  7th pay commission latest news: 7वां वेतन आयोग : Dearness allowance और Arrear पर इस हफ्ते बात करेगी मोदी सरकार, जानें मीटिंग के 10 अहम मुद्दे

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन गुरुवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के शुरू होने से पहले अपने भाषण में इसका एलान करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, 10 करोड़ लोगों को महामारी से सुरक्षा प्रदान करने के लिए 20 करोड़ डोज इस साल दी जाएंगी। शेष डोज अगले साल की पहली छमाही में दे दी जाएंगी।

बाइडन ने डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ सावधान किया

राष्ट्रपति बाइडन के साथ ही उनके मुख्य सलाहकार डा. एंथनी फासी ने कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ लोगों को सावधान किया है। दोनों ने कहा है कि यह वैरिएंट बहुत ही संक्रामक है। ब्रिटेन में इस समय यह वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, खासकर 12 से 20 साल के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट यानी बी.1.617.2 सबसे पहले भारत में पिछले साल अक्टूबर में पाया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, अब तक यह वैरिएंट दुनिया के 62 देशों में फैल चुका है।

इसे भी पढ़ें-  छात्र नेता ने मांग भर कर रेप किया, पिता बोला: 10-12 लाख लेकर मामला सेटल कर लो

 

 

 

 

 

 

 

 

Advertisements