CBSE 12th Evaluation Criteria 2021: 12वीं कक्षा के मूल्यांकन मानदंड पर ये है लेटेस्ट अपडेट, जानें क्या हो सकती है ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया

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CBSE 12th Evaluation Criteria 2021: सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 को रद्द किये जाने के बाद, स्टूडेंट्स के बीच सबसे बड़ी चिंता मूल्यांकन मानदंड और परिणामों की घोषणा है। सीबीएसई बोर्ड 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए ‘ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया’ के अनुसार मूल्यांकन किए जाने की घोषणा की गई थी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मूल्यांकन की निश्चित पद्धति क्या होगी। आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिस जारी कर बताया गया था कि जो उम्मीदवार मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होंगे, उनके लिए स्थिति सामान्य होने के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी।

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने हाल ही में जानकारी दी थी कि सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के मूल्यांकन के लिए ‘ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया’ निर्धारित करने के लिए एक 13 सदस्यीय कमिटी का गठन किया है। उन्होंने बताया कि कमिटी को अपनी रिपोर्ट 10 दिनों, यानी 15 जून 2021 तक सबमिट करनी है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया की डिटेल एक सप्ताह में जारी की जा सकती है।

दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा है कि कोविड-19 की स्थिति न केवल देश के बच्चों के लिए, बल्कि दुनिया भर के बच्चों के लिए परेशानी का कारण बना है। हमें उम्मीद है कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी और छात्र वर्तमान ऑनलाइन कक्षाओं से छुटकारा पा सकेंगे। सचिव ने सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2021 के परिणामों की घोषणा के बारे में बताया कि मूल्यांकन मानदंड अभी तय नहीं किए गए हैं और इसमें दो सप्ताह लगेंगे। अभी एक निश्चित तारीख देना संभव नहीं है।

जानें मूल्यांकन मानदंड पर क्या है विशेषज्ञों की राय

मंजू राणा, निदेशक-प्राचार्य, सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, गाजियाबाद के अनुसार सीबीएसई कक्षा 12 के स्टूडेंट्स के मूल्यांकन के लिए संभवतः 10वीं कक्षा की मूल्यांकन पद्धति को अपनाया जाएगा। इसके अंतर्गत, पूरे वर्ष के कार्य और आंतरिक परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं, प्रवीण राजू, सह अध्यक्ष, फिक्की एराइज, संस्थापक, सुचित्रा एकेडमी के अनुसार 12वीं कक्षा के छात्रों के मूल्यांकन के दो बुनियादी आधार हो सकते हैं। पूरे वर्ष आयोजित नियतकालिक परीक्षाएं/असाइनमेंट/क्लास वर्क/प्रोजेक्ट आदि और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में स्कूल के पिछले प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जा सकता है।

वहीं, कई विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन मानदंड पर सुझाव भी दिये जा रहे हैं। कई विशेषज्ञों का सुझाव है कि सीबीएसई बोर्ड 12वीं कक्षा के रिजल्ट तैयार करने में 11वीं और 12वीं के आंतरिक मूल्यांकन के मार्क्स के साथ-साथ कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं के मार्क्स को भी शामिल किया जाना चाहिए। जबकि, कुछ अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के 9वीं के मार्क्स को भी ‘ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया’ में शामिल किया जा सकता है।

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