How To Oxigen Level: कोरोना: क्या करें जब अचानक गिरने लगे ऑक्सीजन लेवल? जानें घरेलू तरीके

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How To Oxigen Level:  न सिर्फ कोरोना के कारण बल्कि अन्य किसी स्थिति में भी यदि अचानक शरीर में ऑक्सीजन का लेवल कम होने लगे।

मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगे और कृत्रिम ऑक्सीजन उपलब्ध न हो तो घबराने की जरूरत नहीं है।

आईआईटी बीएचयू के हाईड्रोजन ऊर्जा विशेषज्ञ सिरामिक इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. प्रीतम सिंह ने कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिनकी मदद से रोगी के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को तत्काल आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है। डॉ. प्रीतम ने बताया कि ऐसी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत मरीज के सर को दबाएं।

उसके सिर के बालों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर खींचें। यह प्रक्रिया बार-बार दोहराने पर न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएंगे और शरीर में जरूरी ऑक्सीजन सप्लाई स्वत: सुनिश्चित हो जाएगी।

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दूसरा तरीका यह है कि बाथरूम में शॉवर चला कर रोगी को उसके नीचे बैठा दें या बाथ टब में आधा घंटे के लिए लिटा दें।

ऐसा करने पर पानी में घुली ऑक्सीजन रोम छिद्रों के रास्ते शरीर में पहुंच जाएगी। रोमछिद्रों के माध्यम से ऑक्सीजन के शरीर में पहुंचने पर टॉक्सिक एलिमेंट निकल जाएंगे।

इससे मरीज न सिर्फ स्वयं को तरोताजा महसूस करेगा, बल्कि शरीर का तापमान भी स्थिर होगा। भाप का उपयोग भी कोरोना मरीजों के लिए इसलिए बहुत उपयोगी बताया जाता है कि आजवाइन एवं नीबू के रस से युक्त गर्म पानी की भाप फेफड़ों में जमा कफ को नाक के राश्ते निकलने में मदद करती है।

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इससे फेफड़े बेहतर ढंग से काम करने लगते हैं और खून में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होने लगती है।

पैनिक होने पर घट जाती है 20 फीसदी ऑक्सीजन

दिन रात ऑक्सिमिटर से ऑक्सीजन नापने की जरूरत नहीं। मेंटल पैनिक के शिकार लोगों के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा स्वाभाविक रूप से 20 फीसदी तक कम हो जाती है। यदि ऑक्सीजन की कमी महसूस होगी तो शरीर खुद सिग्नल देने लगेगा। जिसके शरीर मे ऑक्सीजन की कमी होगी उसे कमजोरी महसूस होने लगेगी। सांस तेजी से चलने लगेगी। अत्यधिक कमी होने की स्थिति में मूर्छा आ सकती है।

दिन रात ऑक्सिमिटर से ऑक्सीजन नापने की जरूरत नहीं। मेंटल पैनिक के शिकार लोगों के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा स्वाभाविक रूप से 20 फीसदी तक कम हो जाती है। यदि ऑक्सीजन की कमी महसूस होगी तो शरीर खुद सिग्नल देने लगेगा। जिसके शरीर मे ऑक्सीजन की कमी होगी उसे कमजोरी महसूस होने लगेगी। सांस तेजी से चलने लगेगी। अत्यधिक कमी होने की स्थिति में मूर्छा आ सकती है।

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