भोपाल व हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर कोच के अंदर शुरू होंगे दो मिनी अस्पताल

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भोपाल । भोपाल के अस्पताल फुल हो गए हैं। कोरोना मरीजों को आसानी से दाखिला नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रेन के मोबाइल आइसोलेशन कोच में भोपाल और हबीबगंज रेलवे स्टेशन में दो अस्थाई अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है।

एक अस्पताल में 160 बिस्तर होंगे, जो ऑक्सीजन सपोर्ट वाले होंगे। 25 अप्रैल के पहले दोनों अस्पताल शुरू करने की योजना है। इस तरह राजधानी भोपाल में 320 मरीजों को भर्ती करने की सुविधा मिल जाएगी। रेलवे इसके लिए मोबाइल आइसोलेशन को तैयार करने जुटा है।

ये कोच बीते साल ही मोबाइल आइसोलेशन में बदल दिए गए थे जिन्हें नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। भोपाल में संक्रमण का दायरा इतना बढ़ गया है कि मोबाइल आइसोलेशन कोच की पहली बार मदद लेनी पड़ रही है। बीते साल 44 कोच भोपाल से दिल्ली भेजे गए थे।

कलेक्टर ने मांगे हैं कोच

पूर्णा मरीजों को भर्ती करने के लिए भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कुछ मांगे इसके बाद रेलवे के अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी।

एक कोच में 8 मरीज होंगे भर्ती

भोपाल रेल मंडल के पास 50 मोबाइल आइसोलेशन कोच है एक कोच में 8 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है इसके अलावा कोच के अंदर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अलग केबिन है साथ ही दवा रखने की सुविधा है मरीजों के नहाने और शौचालय जाने की व्यवस्था है सभी मरीजों के लिए अलग-अलग केविन होंगे। जिम में प्लास्टिक के पर्दे लगाए गए।

ऑक्सीजन और कूलर की व्यवस्था करने में जुटे अधिकारी

मोबाइल आइसोलेशन कोचों के अंदर पूर्व से ऑक्सीजन सिलेंडर और कूलर का इंतजाम नहीं था। जरूरत पड़ने पर इंतजाम करने के निर्देश पूर्व से थे। इसके तहत अब संबंधित विभाग के रेल अधिकारी ऑक्सीजन सिलेंडर और कूलरो का इंतजाम करने में जुटे हुए हैं।

भोपाल और हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर 20-20 मोबाइल आइसोलेशन कोच देंगे। अभी कोचों को तैयार करवा रहे हैं। संकट के इस दौर में हमारे रेल अधिकारी और कर्मचारी नागरिकों को बेहतर रेल सुविधा देने की कोशिश कर रहे हैं। आम नागरिक भी संक्रमण से बचने और दूसरों को बचाने में सहयोग करें।

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