रसूखदारों को बांटे हमीदिया में कोरोना से मृत मरीजों के बचे रेमडेसिविर इंजेक्शन

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Remdesivir Shortage in Bhopal:। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल के सेंट्रल स्टोर रूम से चोरी हुए 863 रेमडेसिविर इंजेक्शन का सोमवार को भी कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि, पुलिस को जांच के दौरान डी-ब्लॉक में आवंटित किए रेमडेसिविर इंजेक्शन से 14 ज्यादा मिले हैं। वहीं स्टोर रूम के आवक-जावक रजिस्टर में काफी गड़बड़ी सामने आई है। स्टोर रूम की खिड़की की जाली अंदर से काटी गई थी। इसका खुलासा एफएसएल टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में किया है। चोरी वाली रात स्टाफ के तीन लोगों की लोकेशन हमीदिया अस्पताल मिली है। पुलिस इनके बारे में और जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई है कि हमीदिया अस्पताल के कोविड सेंटर में जो कोरोना संक्रमित मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन अलॉट होते थे और इंजेक्शन लगने के बाद उसकी मृत्यु हो जाती थी तो उनसे बचे इंजेक्शन को गायब कर दिया जाता था। पुलिस के हाथ ऐसा भी सबूत लगा कि हमीदिया अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन कई रसूखदारों को भी बिना किसी लिखा-पढ़ी के मुहैया करवाए गए हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों ने इंजेक्शन की चोरी से इंकार करते हुए अस्पताल में इंजेक्शन की कालाबाजारी के संकेत दे दिए हैं।

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बता दें कि हमीदिया अस्पताल के सेंट्रल स्टोर रूम से शुक्रवार-शनिवार की रात 18 बॉक्स रेमडेसिविर इंजेक्शन के चोरी हुए थे। इनमें 863 इंजेक्शन रखे थे। कोहेफिजा पुलिस समेत क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच में जुटी है। हमीदिया अस्पताल में ए, बी, सी और डी ब्लॉक को कोविड सेंटर बनाया गया है। सोमवार को पुलिस की जांच में सामने आया है कि डी ब्लॉक को 11 अप्रैल से 16 अप्रैल के बीच 1343 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित हुए थे। यह इंजेक्शन यहां भर्ती मरीजों को दिए जाने थे। पुलिस ने मिलान किया तो यहां 1357 इंजेक्शन मिले, जो कि आवंटन से 14 नग ज्यादा थे। ये इंजेक्शन यहां कैसे पहुंचे, पुलिस उसकी वार्ड प्रभारी रेखा केवट से पूछताछ कर रही है।

जाली अंदर से काटी गई

स्टोर रूम में चोरी की सूचना मिलने के बाद मौके पर एफएसएल की टीम पहुंची थी। सोमवार को एफएसएल ने अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि स्टोर रूम की खिड़की की जाली बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से काटी गई थी। बाहर टीनशेड पर किसी के फुट प्रिंट या किसी के आने-जाने के निशान नहीं मिले हैं। किसी व्यक्ति ने अंदर से ही जाली को काटा था। इसके बाद से पुलिस का शक स्टोर रूम के स्टाफ पर गहरा गया है।

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तीन की लोकेशन घटना के समय स्टोर रूम पर मिली

न स्टोर रूम के ताले तोड़े गए और न ही कोई बाहर से अंदर स्टोर रूम में दाखिल हुआ। इस पर पुलिस ने स्टाफ के लोगों की कॉल डिटेल निकाली थी। कॉल डिटेल में तीन लोगों की लोकेशन हमीदिया अस्पताल में मिली है। यह लोकेशन शाम सात बजे के बाद की है, जब सभी दफ्तर में ताला लगाकर अपने घर चले गए थे। पुलिस इन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। हालांकि आधिकारिक रूप से कोई इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है लेकिन स्टाफ की मिलीभगत सामने आ रही है।

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फार्मासिस्ट ने इंजेक्शन दिल्ली में साले को दिए थे

क्राइम ब्रांच के अनुसार स्टोर के फार्मासिस्ट से पूछताछ की जा रही है। इसमें एक बात सामने आ रही है कि उन्होंने जो इंजेक्शन अपने साले को कोरोना संक्रमित होने के दौरान दिल्ली ले जाकर दिए थे, वह हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीज मुथ्थू और सलीम मंसूरी को आवंटित हुए थे। इसमें मूथ्थू को तीन रेमडेसिविर इजेक्शन लग पाए थे। उसके बाद उसकी मौत हो गई थी। उसके तीन इंजेक्शन बच गए थे। इसके अलावा सलीम मंसूरी को नौ इंजेक्शन आवंटित हुए थे। मंसूरी के तीन इंजेक्शन और मुथ्थू के बचे तीन इंजेक्शन मिलाकर छह इंजेक्शन लेकर वह दिल्ली गया था। वार्ड प्रभारी नर्स ने फार्मासिस्ट के घर एक कर्मचारी के द्वारा इंजेक्शन भिजवाए थे। चोरी हुए इंजेक्शन का बैच नंबर 246043ए है। यह मॉयलान कंपनी के थे। 20 और अस्पतालों में इसी बैच के इंजेक्शन आवंटित हैं।

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