बड़ी खबर: निरंजनी अखाड़े ने की कुंभ समाप्ति की घोषणा

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हरिद्वार. कुंभ मेले को लेकर बड़ी खबर। निरंजनी अखाड़े ने की कुंभ समाप्ति की घोषणा। अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने की घोषणा। कहा कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अखाड़े ने लिया निर्णय। 17 अप्रैल को निरंजनी अखाड़ा करेगा कुंभ मेला समाप्त। साधु संतों और भक्तों में बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लिया फैसला। अन्य अखाड़ों से भी की मेला समाप्त करने की अपील

महाकुंभ हरिद्वार में कोरोना संक्रमित हुए महामंडलेश्वर की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक निर्वाणी अखाड़ा, चित्रकूट के महामंडलेश्वर कपिल देव का देहरादून के एक निजी हॉस्पिटल में 3 दिन पहले से कोविड-19 का इलाज चल रहा था, उनके फेफड़ों में कोविड का संक्रमण बढ़ जाने की वजह से मौत हो गई. महाकुंभ से अब तक 20 से अधिक संत और 5 दिन के अंदर 1700 लोगों की जांच रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है. इसमें श्रद्धालुओं के साथ 20 से अधिक साधु-संत शामिल हैं. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी भी कोविड-19 संक्रमित हैं. उनका एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है.

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वहीं उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति लगातार गहराती जा रही है. पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण के दो हजार नए केस सामने आ चुके हैं, वहीं 13 लोगों की मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 10 से 14 अप्रैल तक हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में कोविड -19 से 1,700 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में से एक कोरोनोवायरस के मामलों में तेजी से बढ़ाने में योगदान दे रहा है.

मेला स्थल में पांच दिन में 2,36,751 कोरोना टेस्ट किया गया, इसमें से 1,701 कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं. हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी शंभु कुमार झा ने गुरुवार को कहा कि आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट दोनों में पांच दिन की अवधि में हरिद्वार से देवप्रयाग तक फैले पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं और विभिन्न अखाड़ों में साधु संतों की टेस्ट रिपोर्ट शामिल है.

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