जारी रहेगी महाराष्ट्र से मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाय

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इंदौर, Medical Oxygen Indore। प्रदेश में महाराष्ट्र से मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाय निर्बाध रूप से जारी रहेगी। 30 मार्च 2021 को महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन का कोई असर मप्र पर नहीं होगा। गुरुवार को इस संबंध में हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चल रही याचिका में सुनवाई हुई। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मप्र में अमल पर रोक लगाते हुए इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।

 

7 सितंबर 2020 को महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी कर मप्र को मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाय पर रोक लगा दी थी। महाराष्ट्र सरकार का कहना था कि उन्हीं के प्रदेश में बड़ी संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं। जब उनकी ही ऑक्सीजन मांग पूरी नहीं हो रही है तो दूसरे प्रदेश के मरीजों के लिए सप्लाय कैसे की जा सकती है। महाराष्ट्र से मेडिकल ऑक्सीजन नहीं मिलने से मप्र के अस्पतालों में इसकी कमी होने लगी थी। मरीजों का इलाज बाधित होने लगा था।

 

इंदौर के एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने इस परेशानी को देखते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा कि प्रदेश के आधार पर कोरोना के मरीजों में भेदभाव नहीं किया जा सकता। 16 सितंबर को हाई कोर्ट की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से प्रदेश में मेडिकल आक्सीजन निर्बाध रुप से सप्लाय हो रही थी। हाल ही में 30 मार्च 2021 को महाराष्ट्र सरकार ने एक नया नोटिफिकेशन जारी करते हुए एक बार फिर मप्र को मेडिकल आक्सीजन सप्लाय बाधित कर दिया था।
गुरुवार को हुई सुनवाई में अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने कोर्ट को बताया कि मप्र में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। 5 अप्रैल 2021 को प्रदेश में 102 मेट्रीक टन मेडिकल आक्सीजन की रोजाना जरूरत थी। अनुमान है कि 15 अप्रैल 2021 तक मांग 240 मेट्रीक टन रोजाना और इस महीने के अंत तक 413 मेट्रीक टन रोजाना हो जाएगी। कोरोना के मरीजों के लिए आक्सीजन की जरूरत है। आक्सीजन सप्लाय बाधित हुआ तो कई जानें चली जाएंगी। उन्होंने कोर्ट से मांग की कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा 30 मार्च 2021 को जारी नोटिफिकेशन के मप्र को अप्रभावी रखा जाए।
जस्टिस सुजाय पाल और शैलेंद्र शुक्ला की युगल पीठ ने मप्र शासन का पक्ष सुनने के बाद महाराष्ट्र सरकार द्वारा 30 मार्च को जारी उक्त नोटिफिकेशन के मप्र में अमल पर रोक लगा दी। यानी फिलहाल महाराष्ट्र से प्रदेश को ऑक्सीजन सप्लाय में कोई दिक्कत नहीं आएगी। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को दोबारा नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब मांगा है।
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