MP में सख्ती: वैक्सीन लगी होगी तो ही इंदौर के सरकारी दफ्तरों में प्रवेश मिलेगा; सीएम बोले, मास्क नहीं पहनने वालों को ओपन जेल में रखेंगे

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इंदौर। मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए सरकार अब कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए सख्ती करने की तैयारी कर रही है। इंदौर के सरकारी दफ्तरों में 15 अप्रैल के बाद मंडी, नगर निगम, आईडीए कलेक्टर कार्यालय सहित सभी प्रशासनिक दफ्तरों में 45 से ज्यादा उम्र वाले व्यक्ति तभी प्रवेश कर सकते हैं। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि 45 वर्ष से ज्यादा आयु वाले लोगों को तभी प्रवेश मिलेगा जब उन्होंने वैक्सीन लगवा लिया हो और उसका सर्टिफिकेट या फोटो उसके पास हो। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को काेरोना की समीक्षा बैठक में कहा, मास्क ना पहनने वालों को सीख देने के लिए कुछ समय के लिए ओपन जेल में रखा जाए। इसके साथ ही ऐसे लाेगों पर जुर्माना भी लगाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि सोमवार या मंगलवार से लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पहले दिन वह खुद भोपाल के किसी चौराहे पर लोगों को समझाएंगे।

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उन्होंने कहा, हर व्यक्ति मास्क पहनकर ही बाहर निकलें, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरण अभियान चलाएं और इसमें सभी वर्गों का सहयोग लें। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में अस्तालों में बेड की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा, गणगौर त्योहार भी घर पर ही मनाएं। सार्वजनिक रूप से त्योहार मनाने और मेलों आदि की अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री कहा कि जिस तरह से इंदौर में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, उस हिसाब से वहां 10 हजार बेड की व्यवस्था की जाए। प्रशासन ध्यान रखे कि निजी अस्पतालों में कोराेना मरीजों के इलाज के लिए शासन द्वारा निर्धारित फीस ली जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों में बेड की उपलब्धता की जानकारी प्रतिदिन मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगाें को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि कलेक्टर अपने जिले में क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक लेकर संडे लॉकडाउन का फैसला ले सकते हैं। सीएम ने मुख्य सचिव को इस संबंध में निर्देश भी दिए हैँ।

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बेड की संख्या बढ़ाने निजी अस्पतालों से हो अनुबंध
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए, प्रत्येक गरीब मरीज का नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्हें आयुष्मान कार्ड के आधार पर मुफ्त चिकित्सा दें। साथ ही, आवश्यकतानुसार जिन निजी अस्पतालों में बेड्स खाली हैं, उनके साथ अनुबंध कर बेड्स की संख्या बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना के संबंध में गलत तथ्य प्रकाशित नहीं होने चाहिए, लेकिन सही तथ्य प्रकाशित होते हैं, तो तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री खुद समझाएंगे मास्क का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के पहले दिन भोपाल के किसी चौराहे पर वह खुद जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इसके अलावा मंत्री, विधायक और सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधि इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में चलाएंगे। एक दिन कोरोना वॉरियर्स, एक दिन धर्म गुरुओं और एक दिन कोरोना कमांड कंट्रोल रूम से जिले के अधिकारियों से सीएम चर्चा करेंगे।

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मध्यप्रदेश में 20,369 एक्टिव केस
मध्यप्रदेश में 20,369 एक्टिव केस हैं। प्रदेश की गत 7 दिनों की औसत पॉजिटिविटी रेट 10 % से ज्यादा है। तुलनात्मक रूप से संक्रमण में देश में मध्य प्रदेश 8वें स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शहरों में रविवार को लॉकडाउन है, वहां रविवार को भी वैक्सीनेशन का कार्य किया जाएगा। 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन लगवा सकेंगे।

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