NATA Exam 2021: कोरोना महामारी से 10 अप्रैल को होने वाली नाटा परीक्षा पर संकट, परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग

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इंदौर, NATA Exam 2021। देशभर के आर्किटेक्चर कोर्सेस में प्रवेश के लिए होने वाला नेशनल एप्टीट्यूट टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) 10 अप्रैल को होना है।

इसमें देशभर के हजारों विद्यार्थियों के साथ ही शहर से भी करीब दो हजार विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। इंदौर में इसका एक परीक्षा केंद्र रहेगा और इसमें आस-पास के शहरों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए विद्यार्थियों और माता-पिता को चिंता सता रही है कि कोरोना के बीच परीक्षा कैसे होगी।

इस बारे में विद्यार्थी और माता-पिता मांग कर रहे हैं कि परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाना चाहिए। आर्किटेक्चर कोर्सेस में प्रवेश नाटा और आइआइटी में ज्वाइंट एंट्रेंस एक्जामिनेशन (जेईई) के द्वारा होता है। नाटा का आयोजन साल में दो बार होता है। विद्यार्थी करीब छह महीने से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और अब परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और वहां कोरोना गाइडलाइन का कितना पालन होगा इसे लेकर चिंतित हो रहे हैं।

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परीक्षा के विशेषज्ञों का भी कहना है कि इंदौर जैसे शहर में जहां कोरोना संक्रमण के मामले 700 से ज्यादा आने लगे हैं तो परीक्षा कराने वाली काउंसिल आफ आर्किटेक्चर को इसकी तारीख को लेकर गंभीर चिंतन करने और परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाने की सख्त जरूरत है।

परीक्षा के विशेषज्ञ कोर्णाक भाटिया का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण पिछली बार हुई नाटा की परीक्षा में भी विद्यार्थी डर के साथ पहुंचे थे। महामारी के कारण विद्यार्थियों का मन भी पढ़ाई में नहीं लग पा रहा है।

 

27 अप्रैल से कैसे होगी जेईई मेन

27 अप्रैल से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जेईई का तीसरा चरण होना है। इसमें 10 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर काफी भीड़ रहती है। ऐसे में शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो पाता है। इस परीक्षा को भी आगे बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जेईई मेन आगे बढ़ती है तो इसके चौथे चरण और जेईई एडवांस की तारीख पर भी असर पड़ेगा। परीक्षा लेट होने से प्रवेश लेट होंगे और इसका असर आइआइटी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

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