बडी खबर; नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद 24 जवान शहीद, गृहमंत्री शाह ने सीएम से की बात

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Bijapur Police Naxal Encounter। नक्सल प्रभावित तर्रेंम थाना क्षेत्र के जोन्नागुड़ा के जंगल में शनिवार दोपहर पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुल 24 जवानों के शहीद होने की सूचना सामने आ रही है। 14 जवानों के शव गांव के पास हैं और बाकी शवों के जंगल में होने की खबर है।

 

नक्सल प्रभावित तर्रेंम थाना क्षेत्र के जोन्नागुड़ा के जंगल में शनिवार दोपहर पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुल 24 जवान शहीद हुए हैं। पहले यह बात सामने लाए कि 20 जवानों के शव मौके पर ही हैं। डीजीपी डीएम अवस्थी ने भी कहा कि दो शव निकाले गए हैं और 20 शव घटनास्थल पर ही हैं। गांव के करीब और जंगल में जवानों के शव मिले हैं। नक्सली उनके हथियार, जूते और कपड़े तक ले गए हैं। मुठभेड़ के बाद 15 से ज्यादा जवान लापता बताए जा रहे थे। अब तक 30 घायल जवानों को अस्‍पताल पहुंचाया गया। सात घायलों का इलाज रायपुर और 23 का बीजापुर में चल रहा। सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना स्थल के लिए भेजी गई बैकअप पार्टी भेजी गई।

 

हालांकि शनिवार को मुठभेड़ के बाद 5 जवानों के शहीद होने की ही पुष्टि की गई थी। मुठभेड़ के बाद 15 से ज्यादा जवान लापता बताए जा रहे थे। अब तक 30 घायल जवानों को अस्‍पताल पहुंचाया गया। सात घायलों का इलाज रायपुर और 23 का बीजापुर में चल रहा। सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। दो शहीद जवानों के शव रिकवर कर लिए गए हैं। घटना स्थल के लिए भेजी गई बैकअप पार्टी भेजी गई है। बस्तर आईजी सुंदरराज ने जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल के आसपास नक्सलियों के बटालियन की टीम के मौजूद होने का अभी भी है अंदेशा।

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इधर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है और सीआरपीएफ के महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने के लिए कहा। वहीं सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। शहीद हुए पांच जवानों में से दो जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है।

वहीं पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव भी बरामद हुआ है। इस हमले में घायल हुए 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है तो वहीं सात जवान रायपुर के अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।

शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा देश : गृह मंत्री
इस नक्सली हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों को मेरा नमन है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। शांति और विकास के दुश्मनों के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी।

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उधर पुलिस मुख्यालय ने पांच जवानों के शहादत की पुष्टि की है, जबकि बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने कोबरा बटालियन के एक जवान की शहादत की बात स्वीकारी है। उन्होंने मौके से एक महिला नक्सली का शव बरामद होने की भी जानकारी दी है। साथ ही दावा किया है कि कम से कम 15 नक्सली मारे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। वहीं, सीएम भूपेश बघेल ने जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त करते हुए उनके स्वजनों के प्रति संवेदना जताई है।

जिला मुख्यालय से करीब 75 किमी दूर तर्रेंम थाना क्षेत्र सिलगेर गांव के पास के जंगल में नक्सलियों की बटालियन नंबर एक के कमांडर दुर्दांत नक्सली हिड़मा की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इस आधार पर शुक्रवार को डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), सीआरपीएफ, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) व कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम रवाना की गई थी। इसमें तर्रेम से 760 जवान, उसूर से 200, पामेड़ से 195, सुकमा जिले के मिनपा से 483 व नरसापुरम से 420 जवानों को मिलाकर कुल 2059 जवान शामिल थे। शनिवार को सर्चिंग से वापसी के दौरान बीजापुर के तर्रेम व सुकमा के सिलगेर के बीच जोन्नागुड़ा के जंगल में फोर्स की एक टुकड़ी को नक्सलियों ने एंबुश (चौतरफा घेर लेना) में फंसा लिया।

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बताया जा रहा है कि नक्सली पहाड़ पर थे जबकि फोर्स खुले मैदान में। अनुमान लगाया गया है कि मौके पर करीब ढाई सौ नक्सली मौजूद थे। उन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोपहर 12 बजे से करीब तीन घंटे तक दोनों ओर से लगातार फायरिंग होती रही। बता दें कि नक्सली इन दिनों टेक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) चला रहे हैं। इसमें वे हर साल बड़ी वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। नारायणपुर जिले में 23 मार्च को जवानों से भरी बस को विस्फोट कर नक्सलियों ने उड़ा दिया था। इसमें पांच जवान शहीद हुए थे। शनिवार को दस दिन के भीतर दूसरी बड़ी वारदात कर डाली।

 

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