Jabalpur: घर तो क्या दफ्तरों में भी नहीं लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

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जबलपुर। जल है तो कल है। गर्मी आते ही सरकारी विभाग इस तरह के स्लोगन भरे विज्ञापन प्रसारित करवा कर पानी को सहेजने की बातें तो करते हैं, लेकिन जमीनी तौर पर इस पर अमल नहीं हो पा रहा है। यहां तक की नगर निगम को भी शहर के गिरते भू-जल स्तर से कोई सरोकर नहीं है। नगर निगम पानी सहेजने के नाम पर सिर्फ अपना खजाना ही भर रहा है। दरअसल नगर निगम ने शासन की गाइडलाइन का हवाला देकर मकान, दुकान बनवाने वालों के भवन नक्शे पास करने के लिए वर्षा जल को सहेजने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के नाम पर पिछले 13 सालों में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये तो जमा करवा लिए। लेकिन यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि जिनके भवन नक्शे पास किए गए उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाया है कि नहीं। हकीकत यह है कि यदि गिने-चुने मकान, दुकान, संस्थानों को छोड़ दें तो शहर में किसी ने भी वर्षा जल को सहेजने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगवाया है। यहां तक सरकारी दफ्तर भी इससे अब तक अछूते हैं।

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भू-जल स्तर पर बढ़ाने अनिवार्य किया है सिस्टम : विदित हो कि लगातार शहर का भू-जल स्तर हर साल नीचे जा रहा है। इससे निपटने के लिए वर्ष 2008 में प्रदेश के नगरीय निकायों सहित जबलपुर नगर निगम प्रशासन को भी यह निर्देशित किया गया था कि भविष्य में किसी भी निर्माण के लिए यदि नक्शा स्वीकृत किया जाता है तो उसमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से रहे। इसके लिए नक्शा स्वीकृति के दौरान प्लाट एरिया के हिसाब से राशि जमा करवाने का प्रावधान भी किया गया ताकि लोग यदि अपनी ओर से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाते हैं तो निगम प्रशासन उस राशि से वहां पर सिस्टम लगवाएं। नगर निगम प्रशासन शासन के आदेश के बाद पैसा तो जमा करवा रहा है लेकिन उसने नव निर्मित मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना तो दूर उसके लिए कोई कार्ययोजना भी तैयार नहीं की है।

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एक बार राशि जमा कराने के बाद भूल गए : नियम के तहत भवन नक्शा पास कराने के एवज में नगर निगम में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए जो राशि जमा कराई जाती है उसे तीन साल के भीतर ही वापस करने का प्रावधान है। मकान मालिक यदि इस दौरान घर में सिस्टम लगाने के बाद नगर निगम के इंजीनियर से उसका प्रमाण पत्र हासिल करता है तो यह राशि उसे वापस कर दी जाती है वर्ना वह निगम के खाते में जमा हो जाती है। लोगों ने नगर निगम के खजाने में राशि तो जमा कर दी लेकिन सिस्टम लगवाना भूल गए।

पांच हजार से ज्यादा ने जमा की राशि : शासन के आदेश के बाद नगर निगम प्रशासन ने नक्शा स्वीकृति के दौरान लोगों से राशि जमा करवाना तो शुरू कर दिया लेकिन आज तक मात्र आधा सैकड़ा के आसपास ही ऐसे लोग हैं जिन्होंने यह सिस्टम लगाने के बाद नगर निगम से राशि वापस ली है। जबकि इस अवधि में पांच हजार से ज्यादा लोग नक्शा स्वीकृत कराने के एवज में निगम में पांच करोड़ से ज्यादा की राशि जमा कर चुके हैं।

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ठोस प्रयास करें तो बढ़ सकता है भू-जल स्तर : नगर निगम यदि ठोस प्रयास कर नियम के तहत वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर दें। तो न सिर्फ लोग वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के प्रति जागरूक होंगे। बल्कि वर्षा जल से भू-जल स्तर भी बढ़ेगा। नगर निगम को इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है।

वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिन्होंने राशि जमा कर दी है उन्हें वाटर हार्वेस्टिंग लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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