फर्जी दुल्हनें कपड़ा कारोबारी के यहां से लाखों समेट कर हो गई फुर्र

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Gwalior Fake brides शादी कर बीस दिन रही दुल्हनें आठ लाख रुपए के जेवर लेकर फरार हो गई। घटना बिलौआ थाना क्षेत्र की है। घटना का पता चलते ही पीड़ित थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित को शंका है कि उनके पिता की हत्या भी लुटेरी दुल्हनों ने की है। फिलहाल पुलिस लुटेरी दुल्हनों की तलाश में जुटी हुई है।
बिलौआ थाना क्षेत्र निवासी नागेन्द्र जैन पेशे से कारोबारी है और उनकी बिलौआ में कपड़े की दुकान है। विगत दिसम्बर माह में उन्होंने अपने छोटे भाइयों दीपक जैन व सुमित जैन की शादी इंदौर निवासी नंदनी मित्तल व रिंकी मित्तल से की थी। शादी के बाद वह करीब 15 से 20 दिन तक ससुराल रही और उसके बाद वे मायके चली गई। इसके बाद वे 9 जनवरी को अपने भाइयों संदीप मित्तल व आकाश मित्तल के साथ आर्इं और इसके कुछ ही समय बाद उनके पिता की तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। पिता की मौत के बाद जैसे ही उनकी त्रयोदशी हुई उन्होंने तबियत खराब होने का बहना बनाकर घर छोड़ कर चली गईं।
कई बार बुलाने के बाद भी जब दोनों नहीं आई तो पड़ताल करते हुए उनके फेसबुक एकाउंट चेक किए तो पता चला कि दोनों युवतियां शादीशुदा हैं और नंदनी का तो एक बच्चा भी है। उनकी फेसबुक आईडी नंदनी पहले प्रजापति व टीना यादव के नाम से है और रिंकी मित्तल की फेसबुक से निकली आईडी रिंकी प्रजापति के नाम से है। साथ ही पता चला कि संदीप मित्तल की आईडी व भाभी की रीना मित्तल की आईडी रीना चंदेल तथा दूसरे भाई आकाश मित्तल की आईडी आकाश मराठा के नाम से मिली। साथ ही पता चला कि उज्जैन में दोनों दुल्हनों के साथ ही उनके साथी पर शादी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
गरीब घर के नाम पर पहले ही ऐंठे थे सात लाख: पीड़ित ने बताया कि शादी इंदौर निवासी बाबू लाल जैन ने कराई थी और उन्होंने बताया था कि 2012 में तूफान आने से उनके पिता की मौत हो चुकी है और परिवार गरीब है। इसलिए दोनों तरफ की शादी का खर्चा उठाते हुए उन्होंने सात लाख रुपए दिए थे। पुलिस ने रिकी, नंदनी, आकाश, संदीप, रीना तथा बाबूलाल जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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