नौगांव HDFC बैंक में 1 करोड़ 11 लाख 50 हजार का गबन

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जबलपुर। एचडीएफसी बैंक की नौगांव , छतरपुर शाखा में एक करोड़ ११ लाख ५१ हजार ९०० रुपए के हेरफेर का मामला सामने आया।

मार्च क्लोजिंग के दौरान राशि जमा करने का प्रयास चलता रहा। लेकिन जब राशि जमा नहीं हुई तो बुधवार को नवागत बैंक मैनेजर ने थाने में शिकायत दर्ज करायी।

पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बैंक की बड़ी राशि के हेरफेर के मामले में लिपिक कैशियर तथा पूर्व बैंक मैनेजर से पूछताछ शूरू कर दी गयी है।

क्या है मामला
एचडीएफसी बैंक शाखा नौगांव के नवागत बैंक मैनेजर सौरभ खरे ने थाने में शिकायत देते हुए बताया कि एटीएम व लेनदेन की राशि का मिलान करने के बाद शाखा में एक करोड़ ११ लाख ५१ हजार ९०० रुपए नहीं मिले। उन्होंने आशंकाजतायी कि बैंक के भीतर ही कर्मचारियों द्वारा राशि का गबन कर लिया गया।मैनेजर के मुताबिक जांच के बाद गबन करने वाले कर्मचारियों के नाम सामने आएंगे। ज्ञात हो कि गत ३० मार्च को गिरीश तिवारी का स्थानांतरण हुआ था जो कि तत्कालीन बैंक मैनेजर थे।इनके स्थान पर सौरभ खरे ने मैनेजर का चार्ज संभाला जिसके बाद राशि के गबन का मामला सामने आया। पुलिस द्वारा पूर्व मैनेजर गिरीश तिवारी लिपिक संजीव शर्मा, कैशियर मेघा चौहान से पूछताछ जारी है। स्थानीय एचडीएफसी बैंक के गबन की बात जब से सामने आयी है। तभी से कई चर्चाओं का माहौल गरम है। १७ फरवरी को जब बैंक कॉडिट हुआ था तबसबकुछ ठीक था। लेकिन डेढ माह बाद इतने सारे रुपए कहां ठिकाने लगा दिए गए।घुमाफिरा कर शक की सुई लिपिक के ऊपर घूम रही है।

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मैनेजर सौरभ खरे ने थाने में शिकायत दी है कि शाखा में क्लोजिंग के बाद एक करोड़ ११ लाख ५१ हजार ९०० रुपए एटीएम व लेनदेन की राशि के मिलान में नहीं मिले।जिसके बाद शक की सुई कर्मचारियों पर हुई। इसके बाद बैंक केकर्मचारियों से पूछताछ की गयी जब कर्मचारियों ने कुछ नहीं बताया तो मामले की शिकायत थाने में दर्ज करायी गयी।
आषीश तलरेजा
क्लस्टर हैड , जबलपुर

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