CM शिवराज का बड़ा ऐलान- बिना लॉकडाउन एवं बिना आर्थिक गतिविधियों को रोके प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जाये

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  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में कोरोना वायरस के वर्तमान स्थिति के संबंध में की समीक्षा बैठक
  • जनआंदोलन के रूप में संचालित करे वैक्सीनेशन अभियान – मुख्यमंत्री श्री चौहान
  • कोरोना मुक्त इंदौर बनाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा – मंत्री श्री सिलावट
  • कोविड संक्रमण की रोकथाम हेतु जिले में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध – कलेक्टर श्री सिंह*

इंदौर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल से वीसी के माध्यम से प्रदेश के समस्त कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं सीएमएचओ के साथ राज्य में कोरोना की वर्तमान स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक की। इस दौरान संभागायुक्त कार्यालय से जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा एवं आई.जी. श्री हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी ग्रामीण श्री चंद्र शेखर सौलंकी तथा कलेक्ट्रेट कार्यालय के एनआईसी रूम में कलेक्टर श्री मनीष सिंह, डीआईजी श्री मनीष कपूरिया, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी अपस्थित रहे।

इंदौर में कोविड ग्रोथ रेट में आई स्थिरता
बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा इंदौर जिले में कोरोना को नियंत्रित करने के लिये बनायी गई कार्यनीति पर चर्चा की गई। इंदौर में कोरोना के वर्तमान स्थिति को नियंत्रित कर संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये किये जा रहे प्रयासों के परिपेक्ष्य में कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि जिले में पूर्व में कोरोना संक्रमण मामलों में देखा गया इजाफा एवं बढ़ती कोरोना पॉजिटिविटी रेट में वर्तमान में स्थिरता आयी हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में कोरोना के मरीज का उपचार करने हेतु पांच हजार 500 की बेड क्षमता अभी उपलबध है। जिसे बढ़ाकर अगले दो से तीन दिन में 6 हजार 200 कर दी जायेगी। इसी के साथ जिले में अभी 720 आईसीयू यूनिट उपलब्ध हैं। जो कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुये पर्याप्त हैं। इंदौर में भर्ती कोरोना के मरीजो में अन्य जिलों के 25 प्रतिशत मरीज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों से आने वाले मरीजों की स्थिति अधिकतम गंभीर पायी जाती है। इसको दृष्टिगत रखते हुये जिले के दो शासकीय एवं सभी निजी अस्पतालों द्वारा डे-केयर सेंटर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेंटरों में कम रिस्क और बिना लक्षण वाले मरीजों को उपचार प्रदाय कर होम आईसोलेशन में रखा जायेगा। इससे ऑक्सीजन बेड गंभीर अवस्था वाले मरीजों के लिये उपलब्ध रहेंगे। साथ ही जो मरीज बिना बताये होम आईसोलेट हो रहे थे, वो भी आगे बढ़कर डे-केयर सेंटर में उचित इलाज करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि होम आईसोलेट हुये सभी मरीजों का कॉल सेंटर के माध्यम से डॉक्टरों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में लगाये गये नाइट कर्फ्यु और अन्य प्रतिबंधों के परिणाम स्वरूप कोविड संक्रमण के मामलों में पूर्व में जो गति देखी गई थी, उसमें थोड़ा रूकाव आया है। प्रशासन की टीम द्वारा सतत रूप से जिले में लगाये गये प्रतिबंधो का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन हो सके इसके लिये सकारात्मक जन-जागरण किया जा रहा है। जो लोग ठीक से मास्क नहीं लगा रहे है, उन पर स्पॉट फाईन की कार्रवाई भी की जा रही है।

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जन आंदोलन से सफल करें वैक्सीनेशन अभियान

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि जिले में जनप्रतिनिधियों, समाज सेवी संस्थाओं, सेवा भारती आदि के माध्यम से जनभागीदारी के साथ कोविड टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले के प्रत्येक वार्ड में नि:शुल्क वैक्सीनेशन केन्द्र स्थापित किये गये हैं। इसी के साथ जिले के निजी अस्पतालों को शहर में मोबाइल वैक्सीनेशन यूनिट शुरू करने की अनुमति भी प्रदान की गयी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि जिले के सभी धर्मगुरूओं, जन-अभियान परिषद, गैर सरकारी संगठन, एनसीसी आदि को कोविड के वैक्सीनेशन अभियान में सम्मिलित कर टीकाकरण ड्राइव को जन आंदोलन के रूप में क्रियान्वित करें। बैठक में उपस्थित जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री को आश्वासन देते हुये कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को जन-आंदोलन के रूप में क्रियान्वित कर सफलता अर्जित करेंगे और इंदौर को कोरोना संक्रमण से मुक्त जरूर बनायेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि हमारा प्रा‍थमिक उद्देश्य है कि बिना लॉकडाउन लगाये एवं बिना आर्थिक गतिविधियों को रोके, प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जाये। उन्होंने कहा कि हमे अन्य विकल्पों के माध्यम से नयी कार्यनीति बनाकर कोरोना संक्रमण को पूर्णत: खत्म करना है। जिसके लिये प्रत्येक जिला अपनी वर्तमान परिस्थिति के हिसाब से कार्यनीति बनाकर कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने का हर संभव प्रयास करेंगे।

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