MP- MLA सहित अधिकारियों के वाहनों का फास्टैग खर्च MP सरकार वहन करने हो सकती है तैयार

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भोपाल। शिवराज सरकार सभी विधायकों और अफसरों तोहफा देने की तैयारी में है। खबर है कि शिवराज सरकार विधायक -अफसरों की 25 हजार गाड़ियों का फास्टैग खर्च उठाने का विचार कर रही है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय ने परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा है, अगर सबकुछ ठीक रहा तो शिवराज सरकार जल्द ही इसे लागू करेगी।

दरअसल, वर्तमान में मध्य प्रदेश में 123 टोल प्लाजा हैं। इसमें मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ( (MPRDC)) के 75 और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के 48 टोल है।देशभर में टोल टैक्स (Toll Tax) पर फास्टैग की व्यवस्था लागू होने के बाद अब शिवराज सरकार भी नई व्यवस्था शुरु करने जा रही है, इसके तहत अफसरों और विधायकों के वाहनों का फास्टैग लेन का खर्चा सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

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इसे लेकर विधानसभा सचिवालय द्वारा सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। वही लोक निर्माण (PWD) और परिवहन विभाग के बीच भी चर्चा चल रही है, चूंकि फास्टैग लेन का टोल एडवांस दिया जाना है। शिवराज सरकार के प्रदेश में करीब 25 हजार वाहन हैं जो शासन की सेवा में लगे हैं। इसमें वर्तमान 229 में से 31 में मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट और राज्यमंत्री 30 हैं जिन्हें शासन की सभी सुविधाएं सामान्य प्रशासन विभाग देता है।हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि ये व्यवस्था जल्द ही लागू की जा सकती है।

नई व्यवस्था 

  • पहला जिस विभाग का वाहन है, वह फास्टैग लेन चार्ज का भुगतान करे।
  • दूसरा सभी विभागों के शासकीय वाहनों की एक सूची तैयार हो और सभी वाहनों का फास्टैग का एकमुश्त भुगतान किया जा सके।
  • अभी तक वाहन की पहचान सरकारी वाहन के रजिस्ट्रेशन से होती है और टोल पर इन वाहनों की आवाजाही फ्री थी, लेकिन नई व्यवस्था लागू होती ही खर्चा सरकार द्वारा उठाया जाएगा।
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