पति की आखिरी पूंजी चिटफंड कंपनी में जमा किए थे, सोचा था कि पोती की शादी कर दूंगी, पर हो गया बड़ा धोखा

Advertisements

जबलपुर। छह साल पहले अधिक ब्याज के लालच में पति की आखिरी जमा पूंजी एक चिटफंड कंपनी में जमा करना एक वृद्धा को भारी पड़ा। चिटफंड कंपनी एक साल पहले पैसे लेकर कार्यालय बंद कर भाग गई। वृद्धा के मुताबिक एजेंट भी फोन नहीं उठाता। पनागर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार खमरिया निवासी राधा बाई पटेल (65) ने पनागर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। बताया कि उसके साथ पोती व बेटा रहते हैं। चार लाख रुपए उसके स्व. पति की आखिरी पूंजी थी।

इसे वह पोती के विवाह के लिए संभाल कर रखा था। 31 अक्टूबर 2015 को एजेंट गगन श्रीवास्तव के माध्यम से कैमूना क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी पनागर में जमा किए थे। हर महीने 8 प्रतिशत उसे ब्याज मिल रहा था।
एक वर्ष पहले अचानक ब्याज मिलने बंद हो गए
चार जनवरी 2020 को अचानक से बयाज मिलना बंद हो गया। एजेंट गगन श्रीवास्तव से संपर्क किया तो उसने कोई जानकारी नहीं दी। एजेंट बाद में कही चला गया। वह कंपनी के कार्यालय पहुंची तो बंद मिला। आसपास के लोगों से जानकारी मिली की कि उक्त कंपनी की शाखाएं बंद हो गई है।

इसे भी पढ़ें-  Indian Railway Update News: रेलवे ने रद्द की 117 ट्रेनें, कहीं रवाना होने से पहले यहां चेक करें पूरी लिस्ट

कंपनी ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी ठगी की है। पनागर पुलिस ने मामले में कैमूना क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड कंपनी खोलने वाले आरोपी प्रदीप अस्थाना के खिलाफ धारा 420 भादवि और 6 म.प्र. निवेषकों के हितों का संरक्षण अधिनियम का प्रकरण दर्ज कर लिया।

Advertisements